IndiGo and Air India: भोपाल से हैदराबाद और मुंबई की 1-1 फ्लाइट 1 जून से बंद, बेंगलुरु की उड़ान 17 जून से हफ्ते में सिर्फ 3 दिन चलेगी!

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IndiGo and Air India: भोपाल से हैदराबाद और मुंबई की 1-1 फ्लाइट 1 जून से बंद, बेंगलुरु की उड़ान 17 जून से हफ्ते में सिर्फ 3 दिन चलेगी!

भोपाल : देश की दो बड़ी एयरलाइंस- IndiGo और Air India जून से रोजाना अपनी लगभग 250 घरेलू उड़ानें कैंसिल करने जा रही हैं. इसके पीछे आसमान छूती एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF- जेट फ्यूल) की आसमान छूती कीमतें और यात्रा की मांग में आई कमी है.

उड़ानों में यह कटौती जून से अगस्त तक, यानी गर्मियों के महीनों में भी जारी रहने की उम्मीद है. आमतौर पर जून से अगस्त के बीच स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद हवाई यात्रा की मांग कम हो जाती है. मांग में इस कमी और ईंधन पर बढ़े खर्च को बैलेंस करने के लिए एयरलाइंस कंपनियां यह कदम उठा रही हैं. ऐसे में अगर इस बीच आपकी भी फ्लाइट कैंसिल होती है, तो आपको फ्री-डेट चेंज, वैकल्पिक रूट या फुल रिफंड देने का ऑप्शन दिया जाएगा. 

एयर इंडिया जून और जुलाई के दौरान अपने घरेलू उड़ानों में लगभग 22% की कटौती कर रही है. यह एयरलाइन रोजाना लगभग 500 घरेलू उड़ानें संचालित करती है, और इस कटौती का मतलब होगा कि रोजा लगभग 110 और हर हफ्ते करीब 800 उड़ानें कम होंगी.
इसी तरह से इंडिगो भी अपनी घरेलू उड़ानों में 5-7% और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में 17% तक कटौती करने जा रही है. इन दोनों को मिलाकर जून से अगस्त के बीच रोजाना लगभग 250 फ्लाइट्स कैंसिल रहेंगी.

 

भोपाल-हैदराबाद उड़ान 15 जून तक बंद

इसके अनुसार, इंडिगो की भोपाल-हैदराबाद उड़ान 1 से 15 जून तक बंद रहेगी। इसी तरह एअर इंडिया की भोपाल-मुंबई फ्लाइट 1 जून से 31 जुलाई तक संचालित नहीं होगी, हालांकि इस बीच 18 जून और 7 जुलाई को सेवा उपलब्ध रहेगी।

भोपाल-बेंगलुरु फ्लाइट 17 जून से हफ्ते में 3 दिन

 इंडिगो की भोपाल-बेंगलुरु फ्लाइट 17 जून से 24 अक्टूबर तक केवल मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी। वहीं, एअर इंडिया की भोपाल-दिल्ली उड़ान 1 से 31 जुलाई तक बंद रहेगी। इससे नियमित यात्रियों, बिजनेसमैन और कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने वालों के लिए विकल्प कम हो जाएंगे।

कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसके चलते भारत के कई शहरों में जेट फ्यूल (ATF) की कीमतें 80000 प्रति किलोमीटर से बढ़कर 1 लाख प्रति किलोमीटर के पार निकल चुकी हैं. इस क्रम में घरेलू उड़ानों के लिए ईंधन करीब 25% और अंतर्राष्ट्रीय रूटों के लिए लगभग 100% तक महंगा हो गया है.