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एमपी में 3 साल में रिटायर हुए IAS अधिकारियों का सेवाओं का रिकार्ड नहीं, अब होगा सेवा सत्यापन

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एमपी में 3 साल में रिटायर हुए IAS अधिकारियों का सेवाओं का रिकार्ड नहीं, अब होगा सेवा सत्यापन

भोपाल : मध्यप्रदेश में पिछले तीन साल में रिटायर हुए भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के अफसरों के सेवा सत्यापन का विरण ही जीएडी के पास नहीं है। जीएडी ने राजस्व मंडल के अध्यक्ष सहित सभी विभागाध्यक्षों और कमिश्नर कलेक्टर को निर्देश दिए है कि पिछले तीन साल में सेवानिवृत्त हुए आईएएस अफसरों को कितना वेतन बांटा, उनके वेतन से कितनी कटौती की गई यह सारी जानकारी तीस जून तक अनिवार्य रुप से तैयार कर भिजवाएं।

सामान्य प्रशासन विभाग शाखा ने यह जानकारी सभी से मांगी है। उल्लेखनीय हे कि भारत सरकार के जनरल फायनेंशियल रुल्स के नियम 81 और वित्त विभाग के निर्देशों के अनुक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का सेवा सत्यापन विवरण समय पर राज्य शासन को भेजा जाना जरुरी है ताकि सेवानिवृत्ति पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के पेंशन प्रकरणों का समय पर निराकरण हो सके। एक अप्रैल 2023 से लेकर 31 मार्च 2026 तक की तीन साल की अवधि में कई आईएएस अधिकारियों के सेवा सत्यापन का विवरण सामान्य प्रशासन विभाग शाखा छह के पास नहीं भेजा गया है जिसके चलते कई आईएएस अधिकारियों के पेंशन प्रकरणों का निराकरण अटका हुआ है।

सभी विभागाध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर और राजस्व मंडल अध्यक्ष को कहा गया है कि पिछले तीन साल में उनके यहां से सेवानिवृत्त हुए आईएएस अधिकारियों को उनके सेवाकाल में कितना वेतन बांटा गया, उनके वेतन से कितनी कटौती की गई इसका विस्तार से अधिकृत ब्यौरा तैयार करे और सामान्य प्रशासन विभाग की शाखा छह को भिजवाएं।

इसलिए कवायद-
मध्यप्रदेश में पदस्थ भारतीय प्रशासनिक सेवा के दर्जनों अफसरों का सेवा सत्यापन ब्यौरा समय पर नहीं मिल पाने के कारण उनकी पेंशन नहीं बन पा रही है उन्हें रिटायर होंने पर दिए जाने वाले स्वत्वों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने जब मुख्य सचिव को इसकी शिकायत की तो मुख्य सचिव के निर्देश पर पिछले तीन साल में ऐसे सभी सेवानिवृत्त आईएएस अफसरों को दिए गए वेतन और की गई कटौती का पूरा ब्यौरा तैयार किय जा रहा है और इसका गहन परीक्षण कर सारे प्ररकणों का निराकरण कराने की कवायद की जा रही है।