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बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगले 20 दिनों के भीतर एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें योजना-171 से जुड़े पीड़ितों की समस्याओं, अब तक के संघर्ष और आगे की कार्ययोजना को सार्वजनिक रूप से रखा जाएगा। साथ ही प्रदेश सरकार और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया जाएगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि महेंद्र हार्डिया के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पूर्व में की गई उस घोषणा का स्मरण कराया जाएगा, जिसमें उन्होंने योजना-171 के भूखंड पीड़ितों को शीघ्र राहत देने का आश्वासन दिया था।
प्रभावितों का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा पर शीघ्र अमल होना चाहिए ताकि वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।
बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनप्रतिनिधियों से संवाद के बाद भी सकारात्मक परिणाम नहीं निकलते हैं तो योजना-171 के प्रभावित वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और उनके परिवारजन प्राधिकरण के खिलाफ सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। आंदोलन की तिथि और स्थान की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
पुष्पविहार कॉलोनी प्लॉटधारक समूह की अध्यक्षा सुनीता तोमर ने कहा कि प्रभावित परिवार वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालें और भूखंड धारकों को न्याय दिलाएं। बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन देने का संकल्प लिया।