मंदसौर से डॉ . घनश्याम बटवाल की ख़ास ख़बर
मंदसौर । कई महीनों से प्रसिद्ध पशुपतिनाथ महादेव मन्दिर परिसर में रखे पीतल , ताम्बे और धातुओं से निर्मित महाघन्टा को गत दिवस मशक्कत के बाद शिवना नदी किनारे स्थापित किया गया ।
समाजसेवी एवं मेकेनिक नाहरू खां मेव ने इसके लिए जतन किया और सफ़लता मिली ।
बताया जा रहा है कि यह महाघन्टा देश में सबसे बड़ा और सबसे वज़नी है ।
आरंभिक स्थापना के बाद स्वयं विधायक श्री यशपालसिंह सिसौदिया , पशुपतिनाथ मन्दिर प्रबंध समिति अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री गौतमसिंह ने निरीक्षण किया ,इसकी मजबूती और महाघन्टा ध्वनि को देखा ।
विधायक श्री सिसौदिया के मुताबिक आगामी प्रस्तावित मंदसौर प्रवास पर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान महाघन्टा श्रद्धालुओं की उपस्थिति में लोकार्पित करेंगे । मन्दिर प्रांगण में प्राचीन सहस्त्र लिंग शिव प्रतिमा भी तैयार है । इसकी प्राणप्रतिष्ठा की तैयारी प्रबंध समिति की है ।
महाघन्टा के लिए मंदसौर की श्रीकृष्ण कामधेनु सामाजिक संस्था ने संकल्प किया और अंचल के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पीतल , तांबा और धातु एकत्र किया ।
संस्था के दिनेश नागर एवं चेतन जोशी ने बताया कि लम्बे चले अभियान में समाज की भागीदारी रही और यह सबसे बड़ा और सबसे वज़नी 3700 किलोग्राम का महाघन्टा अहमदाबाद में तैयार कराया गया । इसकी लागत 36 लाख रुपये से अधिक की आंकी गई है।
समारोह पूर्वक महाघन्टा की शोभायात्रा निकाली गई ।
इसके ऊपर शिव के त्रिशूल , ॐ , पशुपतिनाथ महादेव स्वरूप , अन्य धार्मिक चिन्ह उकेरे गये हैं ।
कलेक्टर श्री गौतम सिंह के अनुसार भारी वज़न होने से सुरक्षा के साथ इसे लगाया है । इसकी ध्वनि और गूंज दूर तक सुनाई देगी ।
महाघन्टा स्थापित करने में तकनीकी टीम , मन्दिर प्रबंध समिति के साथ साम्प्रदायिक सौहार्द्र के प्रतीक बनकर मेकेनिक नाहरू खां मेव व साथियों ने महती भूमिका निभाई है ।
कामधेनु संस्था के श्री नागर एवं श्री जोशी ने बताया कि मेकेनिक श्री नाहरू खां सर्वधर्म के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं ।
पशुपतिनाथ मन्दिर के अलावा , महाकाल उज्जैन , खजराना गणेश इंदौर सहित अन्य देवस्थानों पर स्वयं के व्यय से सेंसर वाली घंटियां स्थापित की हैं ।
कोरोना काल में आपने विभिन्न प्रकार की सेवाएं निःशुल्क दी । वित्तमंत्री श्री जगदीश देवड़ा , ऊर्जा मंत्री श्री हरदीपसिंह डंग द्वारा आपको सम्मानित किया गया ।
श्री नाहरू खां मेव ने इस प्रतिनिधि से बातचीत में माना कि ईश्वर – अल्लाह सब भगवान के ही प्रतिरूप हैं ।
हम सब सामाजिक रूप से एक दूसरे से जुड़े हैं । इससे परस्पर सौहार्द्रपूर्ण वातावरण बना रहता है ।
मुझे सेवा से संतोष मिलता है । हर समय हर वर्ग के लिए उपलब्ध हूं ।
मंदसौर के पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में स्थापित सबसे बड़े और सबसे वज़नी महाघन्टा स्थापना में आस्था के नये आयाम बना दिये । सभी वर्गों और सभी धर्मों की सामुहिक भागीदारी से यह संकल्प पूर्ण हुआ ।
अब प्रदेश के मुखिया के लोकार्पण के साथ ही इसकी ध्वनि और गूंज सुनाई देगी ।
महाघन्टा आकर्षण के केंद्र बन गया है।