A Debate Over Railway Rules Erupts on Social Media: वंदे भारत के पायलट के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाईं महिलाएं, रुक गई ट्रेन!

194

A Debate Over RailwayRules Erupts on Social Media:वंदे भारत के पायलट के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाईं महिलाएं, रुक गई ट्रेन! 

सोचिये , आप 4000 रुपये की टिकट लेकर शान से वंदे भारत में बैठे हैं और ट्रेन अपनी रफ्तार पकड़ चुकी है, तभी अचानक ब्रेक लग जाए! वजह? दो महिलाएं लेट पहुंचीं और हाथ जोड़कर पायलट से मिन्नतें करने लगीं. अब इंटरनेट पर इस बात को लेकर ‘महायुद्ध’ छिड़ गया है कि क्या इंसानियत के नाते ट्रेन रोकना सही था या वक्त के पाबंद मुसाफिरों के साथ ये सरासर धोखा है?

अक्सर जब लेट होने पर आंखों के सामने से ट्रेन छूटने लगे, तो अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं. सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो गर्दा उड़ा रहा है जिसमें दो महिलाएं अपने भारी-भरकम सामान के साथ प्लेटफॉर्म पर खड़ी हैं, जैसे ही ट्रेन चलना शुरू करती है, वे बेबस होकर लोको पायलट की तरफ हाथ जोड़कर ‘प्लीज-प्लीज’ करने लगती हैं. उनकी आंखों में ट्रेन छूटने का खौफ और चेहरे पर लाचारी साफ दिख रही थी.

वीडियो में देखा जा सकता है कि लोको पायलट शायद पसीज जाता है, क्योंकि जो ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी, वो अचानक धीमी होने लगती है. हालांकि, ये साफ नहीं है कि महिलाएं ट्रेन में चढ़ पाईं या नहीं, लेकिन इस ‘इंसानियत’ ने इंटरनेट की जनता को दो गुटों में बांट दिया है. एक तरफ वो लोग हैं जो पायलट की दरियादिली को सलाम कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ वो मुसाफिर हैं जो नियमों की दुहाई दे रहे हैं.

वक्त की पाबंदी या सिर्फ दिखावा? (Loco Pilot stops Vande Bharat)

एक्स (X) पर यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है. लोगों का कहना है कि अगर हर किसी के लिए ऐसे ही ट्रेन रोकी जाने लगी, तो फिर वंदे भारत की ‘सेमी-हाई स्पीड’ और वक्त की पाबंदी का क्या मतलब रह जाएगा? एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि जो लोग वक्त पर स्टेशन पहुंचे, क्या यह उनके साथ अन्याय नहीं है? कुछ लोगों ने मांग की है कि चेन पुलिंग करने वालों या ऐसे अनाधिकृत ठहराव के लिए जिम्मेदार लोगों पर भारी जुर्माना लगना चाहिए. आखिर हजारों लोगों का सफर चंद लोगों की लापरवाही की भेंट कैसे चढ़ सकता है?

   मीडियावाला .इन इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता ,यह सोशल मीडिया पर वायरलहै .