इंदौर के गुमाश्ता नगर में दुकान में लगी भीषण आग,नहीं पंहुचा समय पर फायर ब्रिगेड

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इंदौर के गुमाश्ता नगर में दुकान में लगी भीषण आग,नहीं पंहुचा समय पर फायर ब्रिगेड

रविवार रात इंदौर के गुमाश्ता नगर में भीषण आग लग गई ,रात लगभग  2 बजे इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर के पास स्थित एक दुकान में भीषण आग लग गई। आग लगने पर, ऊपर रहने वाले परिवार को धुएं के निकलने की जानकारी हुई और वे नीचे आकर किरायेदार को सूचित किया। हालांकि, तब तक आग पूरी तरह से विकराल रूप धारण कर चुकी थी। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से आग बुझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। आरोप है कि फायर ब्रिगेड की टीम करीब ढाई घंटे की देरी से मौके पर पहुंची, जिससे दुकान का पूरा सामान जलकर राख हो गया।

आग पर काबू पाने में हुई देरी
फायर ब्रिगेड के अनुसार, यह हादसा गुमाश्ता नगर स्थित जय जिनेंद्र ग्राफिक्स और गिफ्ट सेंटर में हुआ था। सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची और करीब 12,000 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया। दुकान के मालिक, संतोष जैन उर्फ मामा ने बताया कि मकान मालिक ने उन्हें धुएं के बारे में सूचित किया था। जैसे ही शटर खोला, आग और धुएं की लपटों ने दुकान को पूरी तरह से घेर लिया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने काफी समय तक आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन फायर ब्रिगेड की देरी के कारण दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया।

दुकान का नुकसान और स्थानीय लोगों का प्रयास
संतोष जैन के मुताबिक, दुकान का संचालन उनके परिवार की एक महिला करती थी, और आग में उनका पूरा सामान जलकर खाक हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया, लेकिन दमकल वाहन काफी देर से पहुंचे, जिससे बड़ा नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। दुकान में प्रिंटिंग मशीन समेत कई महत्वपूर्ण वस्तुएं जल गईं। इस हादसे से परिवार को भारी नुकसान हुआ है।

स्कीम नंबर 140 में भी गुमटियों में आग
इसी तरह, रविवार रात करीब 3 बजे स्कीम नंबर 140 में भी गुमटियों में आग लगने की खबर मिली। दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और तीन से चार गुमटियों में लगी आग पर काबू पाया। हालांकि, रात के समय गुमटियों के मालिक मौके पर नहीं पहुंचे, जिसके बाद दमकल की टीम ने दो टैंकर पानी डालकर आग बुझाई और फिर वापस लौट गई। इस घटना ने भी स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया, क्योंकि आग बुझाने में कोई खास मदद नहीं मिली।