
IPS मीट में सुरों की जुगलबंदी:DGP Kailash Makwana ने मंच पर बिखेरा संगीत का अलग रंग
BHOPAL: मध्यप्रदेश में आयोजित IPS मीट उस समय पूरी तरह यादगार बन गया, जब पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने औपचारिक प्रशासनिक दायरे से हटकर मंच पर सुरों की दुनिया में कदम रखा। सख्त अनुशासन और कड़े प्रशासनिक निर्णयों के लिए पहचाने जाने वाले डीजीपी मकवाना का यह सांगीतिक रूप कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और आमंत्रित अतिथियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया।
● सांस्कृतिक सत्र में बदला कार्यक्रम का माहौल
IPS मीट के सांस्कृतिक सत्र के दौरान रीवा की जानी मानी सिंगर प्रतिभा सिंह बघेल ने मंच पर प्रस्तुति दी। इसी दौरान डीजीपी कैलाश मकवाना ने भी गीत में सहभागिता करते हुए उनके साथ जुगलबंदी की। शास्त्रीय और लोक संगीत के मिश्रण ने सभागार को पूरी तरह संगीतमय वातावरण में बदल दिया।
● डीजीपी कैलाश मकवाना के गायन ने चौंकाया सभागार
जब डीजीपी मकवाना ने माइक संभाला, तो सभागार में मौजूद कई अधिकारी आश्चर्यचकित रह गए। उनके सुरों की समझ, तालमेल और आत्मविश्वास ने यह स्पष्ट कर दिया कि संगीत उनके व्यक्तित्व का स्वाभाविक हिस्सा है। गीत के दौरान पूरा सभागार शांत होकर प्रस्तुति का आनंद लेता नजर आया।

● सख्त प्रशासक नहीं, संवेदनशील नेतृत्व का संदेश
डीजीपी का यह अंदाज केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा। उनके गायन ने यह संदेश दिया कि पुलिस बल का नेतृत्व केवल आदेश और अनुशासन का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, संस्कृति और मानवीय जुड़ाव से भी जुड़ा हुआ है। इस प्रस्तुति ने अधिकारियों और जवानों के बीच भावनात्मक दूरी को भी कम किया।
● प्रतिभा सिंह बघेल की आवाज और डीजीपी के सुरों की तालमेल
रीवा की सिंगर प्रतिभा सिंह बघेल अपनी सधी हुई आवाज और मंचीय अनुशासन के लिए पहले से जानी जाती हैं। डीजीपी मकवाना के साथ उनकी जुगलबंदी ने प्रस्तुति को और प्रभावशाली बना दिया। गीत समाप्त होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
● IPS मीट को मिली अलग पहचान
इस आयोजन ने यह साबित किया कि IPS मीट केवल समीक्षा बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आपसी संवाद, तनावमुक्त वातावरण और सांस्कृतिक सहभागिता का भी मंच है। डीजीपी कैलाश मकवाना की गायन प्रस्तुति ने इस IPS मीट को लंबे समय तक याद रखे जाने वाला बना दिया।





