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घटना के बाद पास ही निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूर दौड़े और घायल बुजुर्ग को संभाला. इसके बाद आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें निजी वाहन से बालोतरा के एक निजी अस्पताल पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया. करीब दो से तीन घंटे तक उपचार के बावजूद मोतीलाल ने दम तोड़ दिया.
बुजुर्ग की शहर में मिठाई की दुकान
सूचना मिलने पर परिजनों ने बालोतरा पुलिस थाने पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई और कार्रवाई की मांग की. बताया जा रहा है कि मोतीलाल अग्रवाल की शहर में मिठाई की प्रतिष्ठित दुकान है. उनके अचानक निधन से व्यापारिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है. बालोतरा शहर में आवारा पशुओं की धमाचौकड़ी से पहले भी कई लोग जान गंवा चुके है और घायल हो चुके हैं.