Advocate Strike : हाईकोर्ट और वकीलों में तनाव बढ़ा, बार एसोसिएशन का झुकने से इंकार!

वकील अवमानना की कार्यवाही और जेल जाने के लिए तैयार!

2003

Advocate Strike : हाईकोर्ट और वकीलों में तनाव बढ़ा, बार एसोसिएशन का झुकने से इंकार!

Bhopal : वकीलों और हाईकोर्ट के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बार एसोसिएशन झुकने को तैयार नहीं है। भोपाल जिला अदालत में जिला बार एसोसिएशन ने बैठक की। भोपाल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी कोठारी ने दो टूक कहा कि हम अवमानना की कार्यवाही के लिए तैयार है। आप चाहे तो हमें जेल भेज दो, हम जेल भर देंगे।

चीफ जस्टिस के आदेश के विरोध में भोपाल जिला अभिभाषक संघ द्वारा बुलाए महासम्मेलन में 23 जिलों से आए अध्यक्ष और सचिवों ने एक राय में कहा कि जब तक चीफ जस्टिस अपना आदेश वापस नहीं लेते, मध्यप्रदेश के सभी वकील कोर्ट के कामकाज से विरत रहेंगे। चाहे हमे जेल ही क्यों न जाना पड़े।

पिछले कई दिनों से वकीलों की हड़ताल चल रही है, अदालतों में कामकाज ठप पड़ा है। प्रदेश के 92 हजार वकील हड़ताल के समर्थन में आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के वकीलों की कलम बंद हड़ताल 23 मार्च से चल रही है। प्रकरण निराकरण की नई योजना के विरोध में वकीलों की हड़ताल जारी है। कल हाईकोर्ट जबलपुर ने बार एसोसिएशन को फटकार भी लगाई थी। हाई कोर्ट ने फरमान जारी करते हुए वकीलों को तत्काल काम पर लौटने को कहा था। हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि वकील तत्काल काम पर लौटें या अवमानना की कार्रवाई को तैयार रहें। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने 10 पेज के आदेश में स्पष्ट कहा कि यदि इसका पालन नहीं हुआ तो इसे अवज्ञा माना जाएगा और उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।