सतपुड़ा के बाद अब नौरादेही से रेडियो कॉलर वाली बाघिन लापता,वन विभाग में हड़कंप

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सतपुड़ा के बाद अब नौरादेही से रेडियो कॉलर वाली बाघिन लापता,वन विभाग में हड़कंप

भोपाल। मध्य प्रदेश में वन्य प्राणी मैनेजमेंट में लापरवाही की घटनाएं बढ़ती जा रही है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बाद अब कॉलर वाली बाघिन (N-6) नौरादेही टाइगर रिजर्व से (N-6) के लापता है। इस खबर से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। दिलचस्प पहलू यह भी है कि अभी दो दिन पहले ही मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक समिता राजौरा ने वन्य प्राणी मैनेजमेंट पर फील्ड के अफसरों को आवश्यक निर्देश लेक्चर दिए थे।

बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से नौरादेही टाइगर रिजर्व की बाघिन ‘मस्तानी’ का लोकेशन नहीं मिल रहा है और रेडियो कॉलर ने काम करना बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि बाघिन के गले में लगा रेडियो कॉलर काम नहीं कर रहा है। लापता बाघिन पेंच टाइगर रिजर्व से स्थानांतरित की गई थी। इसके बाद दमोह की तेंदूखेड़ा रेंज में अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है।

बता दे कि इसके पहले मार्च में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में लगे सैटेलाइट कॉलर वाले बाघ की मौत 23 दिनों तक अनदेखी की गई, शव डॉग स्क्वॉड ने खोजा था। वन्यजीव विशेषज्ञ अजय दुबे ने मामले की जांच की मांग की है। दुबे ने कहा है कि यह ‘बाघ राज्य’ का दर्जा खतरे में डालता है और प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है।

*इनका कहना है*

“बाघिन एन -6 पेंच टाइगर रिजर्व से नौरादेही लाई गई थी. वो अब यहां अपने लिए जगह तलाश रही है. पहले भी बफर एरिया में जा चुकी है. उसका रेडियो काॅलर काम नहीं कर रहा है. जिससे उसका सही लोकेशन पता नहीं चल रहा है.”

*रजनीश कुमार सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, नौरादेही*