Amazing Story of Amazing Love: जब मंत्री जी की एंट्री से मामला हाई प्रोफ़ाइल हो गया!

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Amazing Story of Amazing Love
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Amazing Story of Amazing Love: जब मंत्री जी की एंट्री से मामला हाई प्रोफ़ाइल हो गया!

क़िस्सा ओशो के गाड़रवारा का है .मैं अपने न्यायालय में राजस्व प्रकरणों की सुनवाई कर रहा था तभी निजी सहायक ने आकर बताया कि गृह मंत्री जी कार्यालय में आ रहे हैं .वायरलेस संदेश आया है .मैं चौंका कार्यालय में क्यों रेस्ट हाउस में क्यों नहीं ?शाम के धुँधलके में मंत्री जी आये उन्होंने कहा -मुझे तत्काल भोपाल पंहुचना है और ये प्रेम त्रिकोण का लफड़ामेरे क्षेत्र का है .ये उलझन आप ही सुलझा सकते हैं .

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हुआ यों था कि उनकी विधानसभा बोहानी जो मेरे अनुविभाग में आती थी वहाँ एक विवाहिता अपने पति को छोड़ उसी गाँव में दूसरे आदमी के साथ रहने लगी .इससे आहत पति नर्मदा जी के बरमान पुल से नदी में उसी समय कूदा जब मंत्री जी की लालबत्ती वाली कार पुल की ओर आई .भीड़ देख मंत्री जी रुके .तैराक और नाविकों ने उस दुखी पति को नदी से सुरक्षित निकाल लिया .उसने धमकी दी मेरी पत्नी दिलाओ नहीं तो मैं फिर कूद जाऊँगा .

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मंत्री जी की एंट्री से मामला हाई प्रोफ़ाइल हो गया .उन्हें भोपाल जाना था पर इस टूटे दिल का क्या करें .कोई वादा कोई समझाईश चली नहीं .थक हार कर उस भले मानुष को अपनी लाल बत्ती में बैठाकर मेरे पास ले आये सब क़िस्सा सुनाकर बोले -शर्मा जी आप देखियो कोई लफड़ा और न बिध जाये .मैंने उन्हें आश्वस्त कर भोपाल विदा किया .अब मैं उस आत्महत्या पर उतारू आत्मा से मुखातिब हुआ .उसकी व्यथा कथा सुनी .

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सार ये था कि गाँव में यह असहनीय अपमान लेकर वह ज़िंदा नहीं रहेगा .इस बीच मैंने पुलिस भेजकर उसकी पत्नी और प्रेमी दोनों को बुला लिया था .प्रेम त्रिकोण के तीनों कोण उलझे हुए थे .सबको सुन समझ मैंने पति को साफ़ साफ़ बताया कि चाहे तू दस बार नदी में कूदे इन लैला मजनूँ का कोई इलाज नहीं है .जो महिला तेरे साथ रहना नहीं चाहती उसे छोड़ना ही श्रेयस्कर है .उसने कुछ देर सोचा फिर बोला -यदि ये महिला अपने प्रेमी को गाँव की पंचायत में पाँच चप्पल मार दे तो मैं संतुष्ट हो जाऊँगा .मैंने उसे बाहर कर अब आशिक़ को बुलाया उससे पूछा इश्क़ में क्या कर सकते हो ?उसने कहा -कुछ भी .मैंने पूछा -अपनी महबूबा के हाथों पाँच चप्पल खा सकते हो ?थोड़ी ना नुकुर के बाद बंदा तैयार हो गया .समस्या लैला ने खड़ी की वह अपने दीवाने को चप्पल मारने तैयार नहीं थी .यहाँ मजनूँ ने मदद की .अगले दिन गाँव में पंचायत जुटी .लैला ने मजनूँ को पाँच चप्पल भरी सभा में मारी .देवताओं नेआकाश से फूल नहीं बरसाये पर क़िस्सा कोताह हुआ .

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