1440 मेगावॉट का पंप हायड्रो प्रोजेक्ट का महत्वाकांक्षी एमओयू हस्ताक्षरित 

मंत्री श्री डंग की उपस्थिति में हुआ करार, 7 हजार करोड़ रुपये की लागत योजना दिसम्बर में शुरू होगी

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वरिष्ठ पत्रकार डॉ. घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट

भोपाल। मंदसौर जिले के विधायक एवं प्रदेश के पर्यावरण, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग की उपस्थिति में बुधवार को भोपाल के मंत्रालय में मध्यप्रदेश शासन और ग्रीनको ग्रुप, सिंगापुर के मध्य 1440 मेगावॉट की पंप हायड्रो परियोजना के लिये करार (MOU) पर हस्ताक्षर किये गये। शासन की ओर से प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम श्री विवेक पोरवाल और ग्रीनको ग्रुप की ओर से सीईओ एवं एमडी श्री अनिल चलमासेट्टी ने हस्ताक्षर किये। प्रमुख सचिव ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री संजय दुबे भी इस अवसर पर मौजूद थे। परियोजना नीमच जिले के खिमला गाँव में प्रस्तावित है।

7 हजा़र करोड़ की लागत से 290 हेक्टेयर में स्थापित होगी परियोजना

मंत्री श्री डंग ने बताया कि कोयला संकट के बीच 7 हज़ार करोड़ रूपये की यह पंप हायड्रो परियोजना प्रदेश और देश के लिये एक महत्वपूर्ण ऊर्जा विकल्प सिद्ध होगी। श्री डंग ने कंपनी को निर्देश दिये कि परियोजना में अधिकतम स्थानीय लोगों को रोज़गार दिया जाए।

परियोजना का कार्य दिसंबर 2021 से शुरू होकर आगामी ढ़ाई सालों में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य है। शुरूआत में 1440 मेगावॉट से उत्पादन शुरू होकर 1680 मेगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य है। संपूर्ण ऊर्जा ग्रीन ऊर्जा होगी। सरोवर में एकत्रित जल से सोलर पंप से ऊर्जा का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के लिये भूमि चिन्हित कर ली गई है। ग्रीनको कंपनी सिंगापुर शासन के साथ ग्रीन ऊर्जा के निर्माण में स्टेक होल्डर के रूप में कार्य कर रही है।

मंत्री श्री डंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को ऊर्जा केंद्र ( Energy Hub ) के रूप में विकसित किया जा रहा है।

ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में यह करार बड़ी उपलब्धि साबित होगा। मंत्री श्री डंग ने नवकरणीय ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा, हाइड्रो प्रोजेक्ट पर अच्छा कार्य जारी है। इसके सुखद परिणाम मिल रहे हैं।