छतरपुर के चर्चित MCX मामले में आधा दर्जन लोगों पर FIR, सुसाइड नोट से खुला करोड़ों के काले कारोबार के राज, 5 दिन पहले कारोबारी ने दी थी जान

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छतरपुर के चर्चित MCX मामले में आधा दर्जन लोगों पर FIR, सुसाइड नोट से खुला करोड़ों के काले कारोबार के राज, 5 दिन पहले कारोबारी ने दी थी जान

छतरपुर: ऑनलाइन कमोडिटी ट्रेडिंग और कथित सट्टा कारोबार से जुड़े छतरपुर के चर्चित सनसनीखेज मामले में आखिरकार 5 दिन बाद पुलिस ने सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

उल्लेखनीय है कि शहर की श्रीराम कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे झांसी निवासी 50 वर्षीय कारोबारी राजेश अग्रवाल ने 5 दिन पहले जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मिले सुसाइड नोट ने न केवल आत्महत्या के कारणों का खुलासा किया है, बल्कि शहर में कथित रूप से संचालित करोड़ों रुपये के मैच और एमसीएक्स सट्टा नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की सबसे बड़ी बात यह है कि जांच के दायरे में शहर के कई नामचीन और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने की चर्चा है, जिससे पूरे मामले ने शहर में व्यापक चर्चा का विषय बना लिया है।

जानकारी के अनुसार मूल रूप से बरुआ सागर जिला झांसी के रहने वाले राजेश अग्रवाल पिछले चार से पांच वर्षों से छतरपुर में रहकर कारोबार कर रहे थे। उनका शव श्रीराम कॉलोनी स्थित किराए के मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सूचना मिलने पर ओरछा रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके से एक सुसाइड नोट तथा जहरीले पदार्थ की डिब्बी बरामद की गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ के सेवन से दम घुटने के कारण मौत होना पाया गया है। मृतक की मां कृष्णा अग्रवाल के बयान और सुसाइड नोट के अनुसार राजेश अग्रवाल ने रोहित पटेरिया उर्फ छोटू पटेरिया के साथ मिलकर एमसीएक्स कमोडिटी ट्रेडिंग का काम शुरू किया था। सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि गलत ट्रेडिंग सौदों के कारण उसे करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जिससे वह कर्ज के बोझ तले दब गया। आर्थिक स्थिति बिगडऩे के बाद कर्जदाताओं ने लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया।

सुसाइड नोट में रोहित पटेरिया, अनवर खान, शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, कल्लू कलई और मोनू उर्फ दीपक अग्रवाल के नाम लिखे गए हैं। मृतक के अनुसार ये लोग लगातार रकम वापस करने का दबाव बना रहे थे और रुपये न देने पर परिवार को सड़क पर लाकर भीख मंगवाने तथा जान से मारने जैसी धमकियां दे रहे थे। इन धमकियों और मानसिक प्रताडऩा से वह पूरी तरह टूट चुका था।

*सुसाइड नोट में करोड़ों के सट्टा कारोबार का दावा..* 

आत्महत्या से पहले लिखे गए नोट में राजेश अग्रवाल ने शहर में चल रहे कथित सट्टा कारोबार का भी उल्लेख किया है। उसने लिखा है कि छतरपुर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का मैच और एमसीएक्स का खेल संचालित हो रहा है, जिसमें कई लोग जुड़े हुए हैं। उसने प्रशासन से इस पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस कारोबार पर रोक नहीं लगी तो और भी परिवार बर्बाद हो सकते हैं।

*कई नामचीन लोगों तक पहुंच सकती है जांच..* 

मामले की जांच के दौरान पुलिस अब मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजेक्शन और व्हाट्सएप चैट की पड़ताल कर रही है। सुसाइड नोट में भी यह उल्लेख किया गया है कि मुख्य आरोपी शहर के कई सटोरियों और बुकियों को जानता है। सूत्रों के अनुसार जांच का दायरा बढऩे पर शहर के कई नामचीन और प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि यह मामला अब केवल आत्महत्या तक सीमित न रहकर एक बड़े नेटवर्क की जांच के रूप में देखा जा रहा है।

*परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़..* 

मृतक ने अपने अंतिम पत्र में परिवार की चिंता भी व्यक्त की है। उसने लिखा कि उसकी बुजुर्ग मां चलने-फिरने में असमर्थ हैं, पत्नी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और बेटा लगातार बीमार रहता है। उसने प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की है।

*छह आरोपियों पर मामला दर्ज, पुलिस तलाश में जुटी..* 

ओरछा रोड थाना पुलिस ने उपनिरीक्षक दीपक कुमार यादव की जांच रिपोर्ट के आधार पर छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108, 61(2) और 351(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी है, लेकिन फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

 *अवैध सट्टा नेटवर्क पर भी होगी कार्रवाई..* 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लेखराज मीणा के निर्देशन में पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शहर में संचालित अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए के नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।