
आधी रात मिठाई की दुकान पहुंचे बाबा बागेश्वर, गद्दी पर बैठकर लगाई आवाज..
छत्रसाल चौराहे पर कंचन स्वीट्स में रसगुल्ले-रसमलाई खाई, दुकानदार और परिवार भावुक..
छतरपुर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और देश के चर्चित कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी धार्मिक या राजनीतिक बयान को लेकर नहीं, बल्कि अपनी सादगी और सहज व्यवहार के कारण।
घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात की है, जब बाबा बागेश्वर अचानक छतरपुर शहर के छत्रसाल चौराहे स्थित कंचन स्वीट्स पर पहुंच गए। उस समय दुकानदार अशोक अग्रवाल दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे। अचानक बाबा को सामने देखकर वे हैरान रह गए।

बाबा ने गाड़ी रुकवाई और सीधे दुकान के अंदर पहुंचे। बिना किसी औपचारिकता के वे सेठ की गद्दी पर बैठ गए और मिठाई का स्वाद लेने लगे। पहले उन्होंने छेना के रसगुल्ले, फिर रसमलाई खाई। दुकानदार ने बाबा का तिलक कर माला पहनाई और आशीर्वाद लिया।
इस दौरान बाबा ने दुकानदार के बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और फिर पूरे माहौल को सहज बनाते हुए गद्दी पर बैठकर मजाकिया अंदाज में मिठाई बेचने की आवाज लगाने लगे—
“बर्फी ले लो… पेड़ा ले लो… लड्डू ले लो… अपने-अपने भाव से।”
दुकान पर मौजूद लोग यह दृश्य देखकर भावुक हो गए। बाबा का यह सरल रूप देखकर लोगों में चर्चा होती रही कि देश-विदेश में सनातन धर्म का संदेश देने वाले और बड़े मंचों पर नजर आने वाले बाबा आम लोगों के बीच भी उसी सहजता से घुल-मिल जाते हैं।
दुकानदार अशोक अग्रवाल ने बताया..
“यह हमारे जीवन का सौभाग्य है कि बाबा खुद चलकर आधी रात हमारी छोटी सी दुकान पर आए। मिठाई खाई, गद्दी पर बैठे। जिनसे मिलने के लिए लोग सालों इंतजार करते हैं, उनका यूं अचानक आना हमारे पूरे परिवार के लिए अविस्मरणीय है।”
यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी बाबा बागेश्वर कभी चाट तो कभी समोसे की दुकान पर आम लोगों के बीच नजर आ चुके हैं।





