बाबा बागेश्वर का युवाओं पर बड़ा प्रहार – बोले ‘लौंडिया बाजी’ के लिए न आएं यहां!

VIP संस्कृति पर भी जताई नाराजगी

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बाबा बागेश्वर का युवाओं पर बड़ा प्रहार – बोले ‘लौंडिया बाजी’ के लिए न आएं यहां!

छतरपुर : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने ही सेवादारों और चेलों पर बड़ा प्रहार करते हुए मंच से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग यहां “लौंडिया बाजी” या गलत इरादों से आते हैं, उन्हें धाम में आने की जरूरत नहीं है।

दरअसल, बागेश्वर धाम में लंबे समय से सेवादारों के व्यवहार को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में बाबा से मिलवाने के नाम पर पैसे लेना, VIP दर्शन के नाम पर वसूली करना, श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार करना, दर्शन के दौरान धक्का-मुक्की करना और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसे आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। इन्हीं शिकायतों से नाराज होकर धीरेंद्र शास्त्री ने भरे मंच से सेवादारों की क्लास लगा दी।

*-बोले- चाय से ज्यादा केतली गर्म हो रही..*

बाबा ने कहा कि धाम में कुछ सेवादारों की भाषा और व्यवहार बेहद खराब हो गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “चाय से ज्यादा केतली गर्म हो रही है।” यानी कुछ सेवादार खुद को जरूरत से ज्यादा प्रभावशाली समझने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि कई लोग बिना गुरु दीक्षा के ही खुद को उनका चेला बताने लगे हैं। ऐसे लोग गुरु की मर्यादा को समझने के बजाय केवल धाम के नाम और प्रभाव का फायदा उठाना चाहते हैं।

*-गलत मानसिकता वाले न आएं धाम..*

धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से साफ कहा कि कुछ युवक लौंडिया बाजी के चक्कर में यहां चेला बन जाते हैं। ऐसे लोगों की मानसिकता बेहद खराब है और उनकी बोलचाल भी बेहद घटिया होती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को धाम से दूर रहना चाहिए।

 

*-VIP संस्कृति पर भी जताई नाराजगी..*

बाबा ने यह भी कहा कि कुछ सेवादार VIP लोगों को तुरंत दर्शन करा देते हैं, जबकि आम श्रद्धालुओं को धक्का देकर पीछे कर दिया जाता है। यह व्यवस्था गलत है और इसमें बदलाव की जरूरत है।

*-बोले- धाम में बड़े बदलाव की जरूरत..*

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्होंने सुबह ही नोट किया है कि बागेश्वर धाम में कई सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही व्यवस्था में बदलाव किए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को सम्मानपूर्वक दर्शन मिल सकें।

बाबा के इस बयान के बाद बागेश्वर धाम की व्यवस्थाओं और सेवादारों के व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।