
Bandhavgarh Tiger Reserve: उमरिया में 24 घंटे में 2 बाघ मृत
Umaria: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बीते 24 घंटे के भीतर दो बाघों के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। एक के बाद एक सामने आई इन घटनाओं ने बाघ सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और जंगल के भीतर हो रही गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
▪️पहला मामला. जंगल में मिला बाघ शावक का शव
▫️पहली घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के एक बीट क्षेत्र से सामने आई, जहां एक बाघ शावक का शव जंगल में पड़ा मिला। वन विभाग के अनुसार शावक के शरीर पर बाहरी चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक आशंका है कि यह मौत आपसी संघर्ष या किसी अन्य जंगली जानवर के हमले के कारण हुई हो सकती है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
▪️ दूसरा मामला. पुराने कुएं में मिला वयस्क बाघ का शव
▫️इसके कुछ घंटों बाद ही दूसरा मामला सामने आया। रिजर्व क्षेत्र से लगे गांव के पास एक पुराने कुएं के अंदर एक वयस्क बाघ का शव मिला। स्थानीय लोगों को कुएं से तेज दुर्गंध आने पर इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने शव को बाहर निकलवाया। अधिकारियों का कहना है कि बाघ की मौत कई दिन पहले हो चुकी थी।

▪️क्या एक ही वजह या अलग-अलग कारण
▫️वन विभाग फिलहाल यह मानकर चल रहा है कि दोनों घटनाएं अलग-अलग परिस्थितियों में हुई हैं। एक तरफ बाघ शावक की मौत है, तो दूसरी ओर वयस्क बाघ का शव कुएं में मिलना कई सवाल खड़े करता है। इसमें फिसलकर गिरने, बीमारी, आपसी संघर्ष या मानव गतिविधियों से जुड़ी लापरवाही जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
▪️पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच जारी
▫️दोनों बाघों के शवों का पोस्टमार्टम वन्यजीव चिकित्सकों की टीम द्वारा कराया गया है। विसरा सैंपल सुरक्षित कर जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं जहर, करंट या किसी अन्य अप्राकृतिक कारण से तो मौत नहीं हुई। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी।
▪️वन विभाग अलर्ट मोड पर
▫️लगातार दो मौतों के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गश्त बढ़ा दी गई है। डॉग स्क्वॉड, फील्ड स्टाफ और वरिष्ठ अधिकारियों की टीमें क्षेत्र में तैनात की गई हैं। आसपास के गांवों में भी पूछताछ की जा रही है, ताकि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिल सके।
▪️क्यों गंभीर है यह मामला
▫️बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख बाघ अभयारण्यों में से एक है। यहां बाघों की अच्छी संख्या मानी जाती है, लेकिन इसी कारण संघर्ष, क्षेत्र विवाद और मानव दबाव की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। 24 घंटे के भीतर दो बाघों की मौत को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
▪️वन विभाग का कहना
▫️वन अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय किया जाएगा कि यह मौतें प्राकृतिक हैं या इसके पीछे कोई गंभीर चूक या साजिश है। यदि लापरवाही या अपराध सामने आता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
▪️ औरअंत में•••
▫️दो बाघों की मौत सिर्फ आंकड़ा नहीं है। यह चेतावनी है कि जंगल के भीतर संतुलन और सुरक्षा दोनों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। बाघ सिर्फ वन्यजीव नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ हैं। उनकी हर मौत सिस्टम से जवाब मांगती है।





