
Bank Cashier Sentenced to Jail : बैंक में 1 करोड़ 21 लाख का गबन करने वाले सटोरिए बैंक केशियर को 10 वर्ष का कारावास, 50 हजार रुपए अर्थदंड!
Ratlam : न्यायालय सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की न्यायालय ने शहर की कीरण टॉकीज रोड़ स्थित आईडीबीआई बैंक के केशियर सुरेश (30) पिता बद्रीप्रसाद मीणा निवासी ग्राम माचड़ी जिला करौली (गंगापुर) राजस्थान को गबन के आरोप में 10 वर्ष की सजा देते हुए व 50 हजार रूपए का जुर्माना लगाया।प्रकरण के पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि आईडीबीआई बैंक के शाखा प्रबंधक किशोर कुमार तंवर ने 12 अगस्त 2023 को थाना माणक चौक में रिपोर्ट दर्ज कराई थी की सुरेश मीणा 17 जनवरी 2022 से केशियर के पद पर पदस्थ है। 10 अगस्त 2023 को बैंक में जमा कैश राशि का मिलान किए जाने पर सिस्टम के मुताबिक ब्रांच में कुल नगदी 1 करोड़ 46 लाख 39 हजार 664 रुपए होने चाहिए थे। लेकिन नगदी मिलान किए जाने के पश्चात कुल 25 लाख 39 हजार 664 रूपए नगदी होना पाएं गए। बैंक में जमा राशि का मिलान किए जाने पर 1 करोड़ 21 लाख रूपए की नगदी कम पाई गई। कम पाई गई राशि का कोई हिसाब नहीं मिलने पर कैशियर सुरेश मीणा से पूछताछ करने पर उसने बताया कि
उसने बैंक कैश कांउटर एवं सेफ डिपॉजिट वॉल्ट से 1 करोड़ 21 लाख रूपए नगदी अलग-अलग दिनांकों में निकाले थे। सुरेश मीणा द्वारा शाखा में कैशियर के पद पर कार्य करते हुए 1 लाख 21 हजार रूपए नगदी बेईमानी पूर्वक निकाल लिए गए है।
फरियादी कि रिपोर्ट पर सुरेश मीणा के विरूद्ध थाना माणक चौक में धारा 409 भारतीय दंड संहिता की धारा में रिपोर्ट दर्ज कि गई। सुरेश मीणा को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी सुरेश मीणा उसकी बहन निर्मला मीणा के एसबीआई बैंक खाता का उपयोग स्वयं करता था व स्वयं के मोबाईल नंबर लिंक करवा कर रखे थे जिससे वह फोन पे एवं पेटीएम से अपनी बहन के खाते से अपने स्वयं के खाते में रूपए ट्रांसफर कर लेता था। पुलिस जांच में यह भी पता चला था कि सुरेश मीणा ने बैंक से की गई गबन राशी मेंसे 79 लाख 79 हजार ऑनलाईन सट्टा ऐब में लगा दी। बैंक में लगे सीसीटीवी की फुटेज देखने पर पता चला कि सुरेश मीणा कई दिनों से बैंक का समय खतम होने के बाद शाम के समय काउंटर के नीचे से नोटो की गड्डियां अपने बैग में रखता हुआ दिखा। पुलिस द्वारा एसबीआई मेन ब्रांच के एटीएम मशीन में लगे सीसीटीवी विडियो फुटेज देखे तो उसमें भी सुरेश मीणा रुपए जमा करते हुए दिखा। सुरेश मीणा ने अपने रिश्तेदारों के बैंक खाते में लाखों रुपए ट्रांसफर किए व रिश्तेदारों द्वारा वापस सुरेश मीणा के खाते में रुपए ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने जब रिश्तेदारों से पूछताछ की तो रिश्तेदारों ने बताया कि सुरेश मीणा ने जमीन बेचने का बताकर रुपए खाते में डाले व वापस अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस द्वारा जांच पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने पाया कि सुरेश मीणा की सैलरी 29 हजार रुपए महीना थी फिर भी सुरेश मीणा के द्वारा लाखों रुपए विभिन्न बैंक में अंतरण कैसे किए।
अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि आईडीबीआई बैंक में जिला सहकारी बैंक का खाता था जिला सहकारी बैंक को 70 लाख रुपए की आवश्यकता होने पर कैशियर सुरेश मीणा ने देने से मना कर दिया था जिस पर बैंक मैनेजर किशोर कुमार तंवर ने रीजनल ऑफिस इंदौर को सूचना दी थी। रीजनल ऑफिस से रीजनल ऑफिसर प्रिया सिसोदिया बैंक में पहुंची थी व स्टाफ के सामने नगदी का सत्यापन कर केस मिलान किया था जिसमें 1 करोड़ 21 लाख रुपए कम पाए गए। तब गबन की जानकारी हुई, आरोपी सुरेश मीणा गिरफ्तारी दिनांक 15 अगस्त 2023 से जेल में हैं!






