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आलोक मेहता

पद्मश्री (भारत सरकार) से सम्मानित, उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा भारतेन्दु हरिश्चन्द्र पुरस्कार, हिन्दी अकादमी का साहित्यकार-पत्रकार सम्मान-2006, दिल्ली हिन्दी अकादमी द्वारा श्रेष्ठ लेखन पुरस्कार-1999 पद्मश्री आलोक मेहता हिन्दी के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे "नई दुनिया" के प्रधान सम्पादक हैं।

अभिव्यक्ति पर राजनीति का फंदा कितना मजबूत

अभिव्यक्ति पर राजनीति का फंदा कितना मजबूत

मीडियावाला.इन। अखबार, टी वी न्यूज़ चैनल, वेबसाइट के बाद अब ट्वीटर, फेस बुक पर भी कानून का नया फंदा| हर दूसरे तीसरे हफ्ते अभिव्यक्ति की आज़ादी के दुरुपयोग अथवा सत्ता के दबाव का मुद्दा अदालत पहुँच रहा...

भाजपा की राजनीति के लिए जरुरी है 'कांग्रेस युक्त' भारत

भाजपा की राजनीति के लिए जरुरी है 'कांग्रेस युक्त' भारत

मीडियावाला.इन। चौंकिये नहीं| गंभीरता से विचार कीजिये| भारतीय जनता पार्टी ही नहीं देश के लोकतंत्र के लिए जरुरी है किसी न किसी रूप और नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का अस्तित्व| आजादी के पहले और बाद भी कितनी...

अभिव्यक्ति पर राजद्रोह का अंकुश अनुचित, लक्ष्मण रेखा संभव

अभिव्यक्ति पर राजद्रोह का अंकुश अनुचित, लक्ष्मण रेखा संभव

मीडियावाला.इन। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा की और राजद्रोह का कठोरतम कानून  सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों पर लागू करने के राज्य सरकारों के प्रयासों को नितांत अनुचित...

लेखा जोखा- दो ,सात या इक्कीस वर्षों का

लेखा जोखा- दो ,सात या इक्कीस वर्षों का

मीडियावाला.इन। एक बार फिर लेखा - जोखा | सहमत  और असहमत रहने वाले कुछ मित्रों ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल की संक्षिप्त समीक्षा मांगी | मेरा हमेशा एक उत्तर अवश्य होता है कि आप मुझे कमियों...

न्याय के नाम पर अन्याय के भी खतरे

न्याय के नाम पर अन्याय के भी खतरे

मीडियावाला.इन। न्यायालय और चिकित्सालय जीवन रक्षा के असली केंद्र मुझे  हमेशा लगते रहे हैं| मैं विधिवेत्ताओं, न्यायाधीशों और चिकित्सा विशेषज्ञों और चिकित्सकों का सर्वाधिक सम्मान करते हुए उनसे सम्बन्ध रखने का प्रयास करता हूँ| कोरोना के भयावह...

संकट गांव से परदेस तक अपनों का

संकट गांव से परदेस तक अपनों का

मीडियावाला.इन। दिल्ली मुंबई ही नहीं सुदूर गांवों तक कोरोना महामारी के संकट से हाहाकार है| मेरे परिजनों मित्रों के सन्देश देश के दूर दराज हिस्सों के साथ ब्रिटेन, जर्मनी, अमेरिका से भी दिन रात आ रहे हैं|...

सत्ता के अश्व को रोकने का सामर्थ्य किसके पास?

सत्ता के अश्व को रोकने का सामर्थ्य किसके पास?

मीडियावाला.इन। बंगाल के चुनावी समर में चरों ओर से घिरी ममता बनर्जी ने प्रतिपक्ष के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र लिखकर अश्वमेघ यज्ञ के साथ सत्ता के विस्तार के जयघोष के साथ बढ़ रहे राजनीतिक...

कालिदास सत्ता में क्यों न हों ?

कालिदास सत्ता में क्यों न हों ?

मीडियावाला.इन। कोरोना काल से साहित्य संसार को कहाँ कैसे नुक्सान हो सकता है | सच तो यह कि साहित्य लेखन की लहरें किसी महासागर के तूफान से ऊँची आकाश छू रही हैं | सब फुर्सत में , घर -...

अब देशभक्त की दावेदारी से मुकाबला

अब देशभक्त की दावेदारी से मुकाबला

मीडियावाला.इन। दिल्ली शहर न्यूयॉर्क, बीजिंग से छोटा हैं| उन शहरों के मेयर कुछ सदस्यों के साथ उन्हें सँभालते हैं| सत्तर के दशक तक दिल्ली का मेयर प्रथम नागरिक की तरह महत्वपूर्ण और सम्मान पता था| विदेशी मेहमान...

छापेमारी की राजधानी में टकराव या समझौते

छापेमारी की राजधानी में टकराव या समझौते

मीडियावाला.इन। राहुल गाँधी और साथी कांग्रेसी या भारतीय जनता पार्टी के नेता इन दिनों बार बार केवल इमर्जेन्सी के घाव क्यों याद कर रहे हैं? देश की आबादी के एक बड़े आयु वर्ग ने वह दौर देखा...

एंटी सोशल मीडिया पर लगाम का पहला कदम

एंटी सोशल मीडिया पर लगाम का पहला कदम

मीडियावाला.इन। मीडिया के नाम पर नंगे नाच और अराजकता के ढोल बजाने पर अंकुश के नए नियम सामने आने के कुछ घंटे बाद से हाहाकार मच गया| मानो पहाड़ टूट गया, जमीन फट गई, मीडिया को बेड़ियों...

बंदूक के बल पर बोलने , नाचने , गाने का फरमान

बंदूक के बल पर बोलने , नाचने , गाने का फरमान

मीडियावाला.इन। सचमुच क्या मुंबई जाने से पहले दस बार सोचना होगा ? क्या अपनी जान बचाने का इंतजाम करके प्रवेश करना होगा ? लेकिन आजकल बाल ठाकरे या उनसे बिछुड़े सत्ताधारी भाई उद्धव ठाकरे और उनके हथियारबंद साथी तो उत्तर ...

संसद की गरिमा और विपक्ष का उत्तरदायित्व

संसद की गरिमा और विपक्ष का उत्तरदायित्व

मीडियावाला.इन। मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे सन 1972 से संसद की रिपोर्टिंग करने का अवसर मिलता रहा है | पहले समाचार एजेंसी का संवाददाता होने से अधिक समय गैलेरी में बैठना होता था | नियम कानून का ध्यान...

प्रगति की कामना और पूंजीपतियों का विरोध

मीडियावाला.इन। हर गांव में रोशनी चाहिए , लेकिन बिजली लाने वाले का विरोध , पानी की मांग , लेकिन नहर - बांन्ध पर आपत्ति , छोटे बड़े मकान हों , लेकिन बिल्डर न हों , अनाज - फल -...

नेतृत्व गरीब किसान का या राजनीतिक दलों का

नेतृत्व गरीब किसान का या राजनीतिक दलों का

मीडियावाला.इन। चौधरी चरण सिंह  या चौधरी देवीलाल के किसान नेता होने पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं लगा पाया | हम, जैसे पत्रकार तो उनके उप प्रधान मंत्री रहते हुए सरकारी बंगले में गाय भैंस रखे जाने की खबर बना...

मीडिया की आज़ादी और अंकुश की सीमा

मीडिया की आज़ादी और अंकुश की सीमा

मीडियावाला.इन। एक बार फिर गंभीर विवाद | प्रिंट , टी वी चैनल , सीरियल , फिल्म , सोशल मीडिया , को कितनी आज़ादी और कितना नियंत्रण ? सरकार , प्रतिपक्ष और समाज कभी खुश , कभी नाराज | नियम...

सरकार नहीं सामाजिक शक्ति से ही रक्षा और प्रगति

सरकार नहीं सामाजिक शक्ति से ही रक्षा और प्रगति

मीडियावाला.इन। महर्षि अरविन्द ने लगभग एक सौ साल पहले कहा था- 'राष्ट्रवाद एक धर्म है| राष्ट्रवाद की शक्ति ही ईश्वर की शक्ति है| भारत का अंत नहीं हो सकता , क्योकि मानव विश्व के जितने हिस्से हैं,...

पूरब से दक्खिन तक नई इबारत लिखने की तैयारी

मीडियावाला.इन। समय का चक्र घूम रहा है | दस साल पहले किसने कल्पना की होगी कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और कम्युनिस्ट केवल नाम का अस्तित्व बचाने की हालत में हो जायेंगे | उत्तर , पश्चिम और पूर्वोत्तर...

ईमानदारों के कन्धों पर ही टिका है लोकतंत्र

ईमानदारों के कन्धों पर ही टिका है लोकतंत्र

मीडियावाला.इन। देर रात रेडियो  वॉयस ऑफ़ जर्मनी के एशिया विभाग में चार दशक पहले रही वरिष्ठ सहयोगी नाज़ बहन शाह का फोन आया| कोलकाता में जन्मी और दशकों से जर्मनी में बसी नाज़ बहन ने चिंता के...

लाल गलियारों  में भगवा ध्वज का रथ

लाल गलियारों में भगवा ध्वज का रथ

मीडियावाला.इन। लाल गलियारा - देश दुनिया में 'रेड कॉरिडोर 'के नाम से चर्चित कम्यनिस्टों के लाल झंडों से रक्तरंजित बंगाल में अब भगवा ध्वज लगाए नरेंद्र मोदी का भाजपाई रथ आगे बढ़ रहा है | बंगाल हमेशा भारत की...