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अमित मंडलोई

Studied B.Sc. BJ MA LLM Dlit (H), 18 years in Journalism. Working on all media platform TV, WEB and print. 

In Patrika this is third edition earlier looking after Ujjain and Gwalior as editor. Now in Indore as Zonal editor. 

नमस्ते ट्रंप के बाद नमस्ते धापूबाई

नमस्ते ट्रंप के बाद नमस्ते धापूबाई

मीडियावाला.इन। अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप की अपार सफलता के बाद मेरा भी बड़ा मन हुआ कि ऐसा ही कोई निजी आयोजन करूं। मैंने अपने दोस्तों को यह बात बताई तो उन्होंने कहा, यार बात तो अच्छी सोची...

अप्रेम कहानियां

अप्रेम कहानियां

मीडियावाला.इन।   1. वह उसी गली से निकलती, जिस गली में उसका घर था। आते-जाते कभी नजर पड़ जाती तो कभी नजर मिल भी जाती। एक दिन लड़के ने बात करने की कोशिश की, लेकिन ने झिड़क दिया।...

या मौला मुफ्तखोरी का हुनर हमें भी अता फरमा

या मौला मुफ्तखोरी का हुनर हमें भी अता फरमा

मीडियावाला.इन। बाजार के नियम कहते हैं, एक झूठ को 100 बार बोला जाए तो वह सच लगने लगता है। वे लोकतंत्र को भी बाजार बना बैठे और चीख-चीख कर एक ही बात दोहराने लगे। लेकिन खरीदार...

देश में एक दिल्ली भी है

देश में एक दिल्ली भी है

मीडियावाला.इन। खुश हो जाइये कि देश में एक दिल्ली भी है बात सच में खुश होने की है। मौजूदा सियासी दौर में जब ध्रुवीकरण ही एकमात्र लक्ष्य बना हुआ है, कोई शहर तो ऐसा है, जो अस्पताल और स्कूल...

वे फांसी नहीं टाल रहे निर्भया का दर्द भुगत रहे हैं

वे फांसी नहीं टाल रहे निर्भया का दर्द भुगत रहे हैं

मीडियावाला.इन। वे फांसी नहीं टाल रहे निर्भया का दर्द भुगत रहे हैं फंदा लटक रहा है। गर्दन से थोड़ी ही दूर है, लेकिन जीने की अभिलाषा है कि हर बार किसी तरह उसे दूर करने की जद्दोजहद में है।...

मेरे हिस्से का विरोध

मीडियावाला.इन। मेरे हिस्से का विरोध उस जगह जहां, महिलाएं अपना घर छोड़कर बैठी हैं ना, उसी के कोने में मेरे विरोध का एक टुकड़ा भी रखा होगा। तुम देख भले न पाओ, लेकिन सभी सड़कों पर जहां से नारे...

उत्तरायण का सूर्य

उत्तरायण का सूर्य

मीडियावाला.इन। उत्तरायण का सूर्य सूरज का भी बड़ा अजीब है ना, जब करीब होता है तो पसीने-पसीने कर देता है। दूर होता है तो कंपकंपी छुड़ा देता है। कभी मन करता है कि सूरज को ओढ़कर बैठ जाए। कभी...

पिता ठंड में अलाव है

पिता ठंड में अलाव है

मीडियावाला.इन। उज्जैन के विक्रम यूनिवर्सिटी कैम्पस में सुबह 7.30 बजे एक्जाम से पहले बच्चों के आने की शुरुआत हुई। एक्जाम 8 बजे शुरू होना थी, लेकिन अब तक डिपार्टमेंट के गेट भी नहीं खुले थे। बाहर ठंड अलग ही...

ये नालायक भतीजे और लोकतंत्र के दरवाजे

मीडियावाला.इन।     तो फिर एक भतीजा नालायक निकला। बेटी ने मान लिया परिवार और पार्टी दोनों टूट गई है। चाचा हाथ में माइक पकड़े सफाई दे रहे हैं। विशेष भारतीय गालियां निकल आई हैं। कुछ-कुछ वैसी ही...

भाषा का मृत्यु पत्र

भाषा का मृत्यु पत्र

मीडियावाला.इन। भरी सभा में अजीब कोलाहल है। भाषा कांच के ताबूत में सबके सामने है। पक्ष, विपक्ष, निष्पक्ष सब अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। भाषा को बचाने के अपने मंसूबे बता रहे हैं। चारणों की तरह चीख रहे हैं।...

चौदहवीं और चौथ का चांद

चौदहवीं और चौथ का चांद

मीडियावाला.इन। चांद वैसे तो महीनेभर का साथी है, फिर चाहे वह पूर्णिमा का पूर्णचंद्र हो या फिर अमावस का रिक्त स्थान, लेकिन दो चांद हम अर्से से सीने से चिपटाए घूम रहे हैं। एक चौदहवीं का तो दूसरा चौथ...

सर मुझे मेरी चिट‌्ठियां वापस कर दें

सर मुझे मेरी चिट‌्ठियां वापस कर दें

मीडियावाला.इन। सर मुझे मेरी चिट‌्ठियां वापस कर दें सोचता हूं कि कहीं से वे सारी कॉपियां ढूंढवा लूं। ठीक-ठीक याद नहीं, लेकिन चौथी-पांचवीं कक्षा से तो हर साल ही हिन्दी और अंग्रेजी की परीक्षा में चिट्ठियां लिखी ही थी। कभी...

लाइन वहीं खत्म भी हो जानी है??

लाइन वहीं खत्म भी हो जानी है??

मीडियावाला.इन। आनंद का डॉक्टर भास्कर करियर की शुरुआत में बस्तियों की खाक छानता है। कुपोषण और बीमारी से हारकर जब एक बच्चे की मां को जवाब दे देता है तभी एक दादी पोते के जन्म की खुशी में मुंह मीठा...

रिश्तों पर खरे हैं, मुद्दों पर दृढ़ हैं और हालात का हिस्सा होकर भी उनसे परे हैं कृष्ण

रिश्तों पर खरे हैं, मुद्दों पर दृढ़ हैं और हालात का हिस्सा होकर भी उनसे परे हैं कृष्ण

मीडियावाला.इन। कृष्ण अकेले हैं, जिन्हें आप कोई चुनौती नहीं दे सकते। अन्य देवताओं के बारे में लोग दोनों तरह के विचार रख सकते हैं। कृष्ण उन सबमें अपवाद हैं। उसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि वे जो हैं,...

काश किसी लिफाफे में बहन भी आ जाए

काश किसी लिफाफे में बहन भी आ जाए

मीडियावाला.इन। अब राखी पर बहन कम ही आ पाती है। उसकी जगह एक लिफाफा आ जाता है। कूंकू-चावल के साथ चंद राखियां। रस्म तो निभ जाती है, लेकिन यादों का कारवां मीलों पहले ही ठिठक कर रह जाता है। मुंह...

अब कश्मीर से कन्या कुमारी तक भारत एक है

अब कश्मीर से कन्या कुमारी तक भारत एक है

मीडियावाला.इन। कश्मीर से 35ए और धारा 370 के महत्वपूर्ण प्रावधान हटाए जाना उस नारे को सार्थक करने जैसा है, जो हम बचपन से दोहराते आए हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है। अब तक नारे पर इन दो धाराओं...

मैन वर्सेस वाइल्ड

मैन वर्सेस वाइल्ड

मीडियावाला.इन। मैन वर्सेस वाइल्ड जब से खबर पता चली है, मेरा मन नियंत्रण में नहीं है। मैं उसी कल्पना में डूबा हूं कि आखिर उन्होंने वहां जाकर क्या देखा होगा। किस तरह के अनुभव हुए होंगे। हालांकि दूसरे ही पल...

चांद से मुलाकात

चांद से मुलाकात

मीडियावाला.इन। सच, चंद्रयान से एक बात पूछने का बड़ा मन है। चांद पर जा तो रहे हो, लेकिन वहां देखोगे क्या। क्या सिर्फ वहां की मिट्टी खोदोगे, फोटो क्लिक करोगे, पानी ढूंढने की कोशिश करोगे और लौट आओगे। क्या सच...