BRTS Indore: इंदौर में बीआरटीएस कॉरिडोर तोड़ने की मंजूरी

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BRTS Indore: इंदौर में बीआरटीएस कॉरिडोर तोड़ने की मंजूरी

के के झा

इंदौर: लंबे समय से विवादों में रहे बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ने के मुद्दे पर इंदौर नगर निगम (IMC) ने आखिरकार फैसला सुना दिया। नवंबर 2024 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने ट्रैफिक जाम कम करने के लिए इसे हटाने की घोषणा की थी, लेकिन हाईकोर्ट में पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (पीआईएल) के कारण प्रक्रिया अटक गई थी। फरवरी 2025 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कॉरिडोर को अव्यवहारिक करार देते हुए इसे तोड़ने का आदेश दिया, जिसके बाद प्रक्रिया ने गति पकड़ी।

महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में महापौर सभाकक्ष में हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक में ऑफर रेट को मंजूरी दी गई और निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश जारी किए गए। यह निर्णय मतभेदों के बीच लिया गया—कई लोग ट्रैफिक राहत के पक्ष में थे, जबकि 50,000 से अधिक दैनिक यात्रियों को सुविधा देने वाली आईबस के उपयोगकर्ता इसके खिलाफ थे।

बैठक में अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। निगम वाहनों में ईंधन हानि रोकने के लिए 2000 लीटर का स्मार्ट फ्यूल डिस्पेंसर टैंक, 30 हजार और 6 हजार लीटर क्षमता के पोर्टेबल सर्विस स्टेशन व डिस्पेंसर किराए पर लेने की निविदा को स्वीकृति मिली, जो डिजिटल निगरानी से खपत नियंत्रित करेगा। स्वच्छता में अग्रणी इंदौर अब देपालपुर नगर परिषद को मार्गदर्शन देगा, जिसके लिए जल्द एमओयू साइन होगा। शहर की अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फिनलैंड से असेंबल 70 मीटर ऊंचाई का हाइड्रोलिक फायर टेंडर खरीदने, पुराने वाहनों व सामग्री की नीलामी के लिए सर्वेयर नियुक्त करने, और अमृत 2.0 योजना के तहत बिलावली तालाब (10.78 करोड़ रुपये) व छोटा सिरपुर तालाब (3.24 करोड़ रुपये) के जीर्णोद्धार की निविदा को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में आयुक्त श्री दिलीपकुमार यादव, परिषद सदस्य श्री राजेन्द्र राठौर, श्री अश्विनी शुक्ल, श्री निरंजनसिंह चौहान, श्री नंदकिशोर पहाडिया, श्री अभिषेक शर्मा, श्री राजेश उदावत, श्री मनीष शर्मा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उम्मीद की जाना चाहिए कि ये फैसले इंदौर को स्वच्छता, सुरक्षा और विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।