Captain Politics : गैर-राजनीतिक संगठन बनाकर BJP की मदद करेंगे, 2 Oct को कर सकते हैं घोषणा

2 अक्टूबर को कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं

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Captain Politics:

New Delhi Captain Amrinder SIngh भाजपा में सीधे शामिल होंगे या नहीं, ये एक बड़ा सवाल है। कल शाम उनकी BJP नेता अमित शाह (Amit Shah) से जो राजनीतिक चर्चा हुई, उसका लब्बो-लुआब ये है कि अमरिंदर सिंह अपना अलग गुट या कोई गैर-राजनीतिक संगठन बनाकर BJP की मदद करेंगे।

ये मदद कैसी और कितनी होगी और इससे Captain  को क्या मिलेगा, Captain Politics से अभी ऐसे बहुत से मुद्दे हल होना है। समझा जा रहा है कि वे गाँधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर को कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। बताया जाता है कि Amit Shah से हुई उनकी बातचीत में किसान आंदोलन की काट निकालना ख़ास मुद्दा रहा!

Captain  की भविष्य की राजनीति के बारे में अभी बहुत ज्यादा कयास नहीं लगाए जा सकते, क्योंकि उनकी उम्र भी हो गई और उनको जरुरत भी नहीं है! लेकिन, वे अपने अपमान का Congress (कांग्रेस) और Navjot Singh Siddhu (नवजोत सिंह सिद्धू) को सबक सिखाना चाहते हैं।

सम्भावना है कि वे कोई राजनीतिक पार्टी न बनाकर कोई गैर-राजनीतिक संगठन (Non-Political) बनाकर Punjab चुनाव में दांव खेल सकते हैं। उनका यह संगठन दिल्ली के आसपास चल रहे किसान आंदोलन में सेंध लगाकर उसे खत्म करवाकर Congress और BJP विरोधी पार्टियों की हवा निकलेगा।

आशय यह कि ये संगठन Captain के साथ किसानों और BJP सरकार का मददगार बनेगा। दिल्ली में Captain और अमित शाह की मुलाकात को हलके में नहीं लिया जा रहा।

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इसे नए राजनीतिक समीकरण की तरह समझा जा रहा है। खबर खोजियों का निष्कर्ष है कि Captain सीधे BJP में नहीं जाएंगे, पर काम उनके लिए ही करेंगे।

केंद्र सरकार अभी तक किसान आंदोलन के सामने कृषि कानूनों को लेकर अड़ी है। लेकिन, BJP यह संदेश देना भी नहीं चाहती कि वो किसानों के सामने झुक गई या उसे किसानों की जरूरत थी, इसलिए वो किसी दूसरे के बहाने झुक गई। BJP समस्या का हल भी करना चाहती है पर कोई ऐसा सन्देश देने से भी बचना चाहती है कि उसे किसानों की मांगों के सामने झुकना पड़ा।

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भाजपा ये भी समझ रही है कि Captain को आगे करके किसानों को मनाया गया तो उसे इसका नुकसान भोगना पड़ सकता है। इससे किसानों में गलत संदेश जाएगा। वे सोचेंगे कि Captain ने अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए उनका इस्तेमाल किया।

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इस बात की पूरी संभावना है कि Captain गैर-राजनीतिक संगठन बनाकर किसानों और सरकार के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन, फिर भी कहा नहीं जा सकता कि किसान Captain की अगुवाई या मध्यस्थता को स्वीकार करेंगे! वैसे Captain के लिए यह काम मुश्किल नहीं है।

क्योंकि, किसान आंदोलन पंजाब की ही धरती पर ही जन्मा है। Captain ने ही इसे आगे बढ़ाया है और उन्होंने किसानों का खुलकर सपोर्ट भी किया।