इसने गुजरात सरकार के एक अनुरोध के आधार पर 12 अक्टूबर, 2022 को करनानी के खिलाफ मामला दर्ज किया.
पहले मामला अहमदाबाद शहर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था और बाद में सीबीआई ने जांच को अपने हाथ में ले लिया.
मामला 30 लाख रुपये की रिश्वतखोरी से जुड़ा है. आरोप है कि गुजरात से एसीबी की टीम जब करनानी के कार्यालय पहुंची तो वह हंगामा कर फरार हो गया.
भागने से पहले करनानी ने जौहरी को दो मोबाइल हैंडसेट सौंपे थे, जिन्होंने करनानी के भागने में मदद की और दो मोबाइल हैंडसेट को साबरमती नदी में फेंक दिया.
सीबीआई ने गोताखोरों और अन्य एजेंसियों की मदद से दोनों मोबाइल साबरमती नदी से बरामद किए. जांच के दौरान करनानी और जौहरी को गिरफ्तार कर लिया गया और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
बड़ी साजिश का पदार्फाश करने के लिए आगे की जांच की जा रही है.