केन-बेतवा परियोजना पर टकराव: दिल्ली जाने से रोके गए आदिवासी, बाँध स्थल पर छिड़ा जन संग्राम

40

केन-बेतवा परियोजना पर टकराव: दिल्ली जाने से रोके गए आदिवासी, बाँध स्थल पर छिड़ा जन संग्राम

पन्ना-छतरपुर सीमा पर हजारों ग्रामीणों का धरना, महिलाएं JCB के सामने डटीं; प्रशासन से बातचीत बेनतीजा

छतरपुर: सूखे बुंदेलखंड की प्यास बुझाने के लिए शुरू की गई केन-बेतवा लिंक परियोजना अब बड़े जनविरोध का केंद्र बनती जा रही है। अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे आदिवासी, किसानों और ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा रास्ते में रोके जाने के बाद आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। गुस्साए ग्रामीणों ने सीधे बांध स्थल पर ही जनसंग्राम छेड़ दिया, जिसके चलते 44 हजार करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम लगातार दूसरे दिन भी ठप रहा।
बिजावर अनुविभाग में चल रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिए हजारों की संख्या में आदिवासी किसान, महिलाएं और ग्रामीण ढोढन बांध स्थल पर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने काम कर रही मशीनों के सामने खड़े होकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। खास बात यह रही कि आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जो हाथों में तख्तियां लेकर “जल, जंगल, जमीन” की लड़ाई का ऐलान कर रही हैं।

WhatsApp Image 2026 04 08 at 3.36.02 PM 1 scaled

5 अप्रैल से शुरू हुआ आंदोलन, अब आर-पार की लड़ाई..
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी अमित भटनागर ने बताया कि 5 अप्रैल से ही आदिवासी महिलाएं बांध स्थल पर डटी हुई हैं और तभी से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। उनका आरोप है कि आंदोलनकारियों को दिल्ली जाकर अपनी बात रखने से रोका गया, रास्ते में प्रताड़ित किया गया और यहां तक कि उनके द्वारा इकट्ठा किया गया राशन भी छीन लिया गया।

https://youtu.be/1UjCILkABcg

भटनागर के मुताबिक, “यह अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।” उन्होंने प्रशासन पर झूठे आश्वासन देने और कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी करने के भी आरोप लगाए।

WhatsApp Image 2026 04 08 at 3.36.01 PM 1

ढोढन बांध बना आंदोलन का केंद्र
केन नदी पर प्रस्तावित 77 मीटर ऊंचे और 213 किलोमीटर लंबे ढोढन बांध के निर्माण को लेकर यह विरोध हो रहा है। परियोजना के तहत केन और बेतवा नदियों को जोड़ने के लिए 221 किलोमीटर लंबी नहर और 2 किलोमीटर की टनल भी बनाई जानी है। पन्ना नेशनल पार्क के कोर क्षेत्र के पास चल रहे इस निर्माण को लेकर पर्यावरण और विस्थापन के मुद्दे भी उठ रहे हैं।

WhatsApp Image 2026 04 08 at 3.36.01 PM

प्रशासन की समझाइश नाकाम, पुलिस बल तैनात..
स्थिति को संभालने के लिए सटई तहसील के तहसीलदार इंद्र कुमार गौतम मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। गौतम ने कहा कि प्रशासन लगातार संवाद कर रहा है और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

फिलहाल बांध स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।