निम्मी जिसे सबसे पहले राज कपूर परदे पर लाए!

निम्मी जिसे सबसे पहले राज कपूर परदे पर लाए!

मीडियावाला.इन।

अपने जीवनकाल में राज कपूर ने कई खूबसूरत चेहरों को परदे पर आने का मौका दिया! लेकिन, जिस पहले खूबसूरत नए चेहरे को उन्होंने अपनी फिल्म के लिए चुना, वो निम्मी उर्फ़ नवाब बानो थीं। निम्मी ने 16 साल तक फिल्मों में काम किया। वे ब्लैक एंड व्हाइट के दौर में दर्शकों में काफी लोकप्रिय रहीं। बुधवार को इस गुजरे ज़माने की एक्ट्रेस का निधन हो गया! वे 88 साल की थीं। निम्मी कुछ समय से बीमार चल रही थीं। उनके निधन के साथ ही बॉलीवुड के एक युग का अंत हो गया! साल 1949 से लेकर 1965 तक वे फिल्मों में सक्रिय रहीं। उन्हें अपने दौर की बेहतरीन एक्ट्रेस के तौर पर शुमार किया जाता था। निम्मी ने अपने फिल्मी करियर में कई सुपरहिट फिल्म दी। उनकी बेहतरीन फिल्मों में सजा, आन, उड़न खटोला, भाई भाई, कुंदन, मेरे महबूब, पूजा के फूल, आकाशदीप, लव एंड गॉड शामिल हैं। उन्हें हॉलीवुड से भी चार फिल्मों के ऑफर आए थे, लेकिन उन्होंने इन्हें ठुकरा दिया था। वजह ये थी कि वे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ही करियर बनाना चाहती थी। 

   उनके राजकपूर के सामने आने और उन्हें अपनी फिल्म की अभिनेत्री चुने जाने का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है। एबटाबाद में पैदा हुई निम्मी जब 9 साल की थीं, तब उनकी मां का निधन हो गया था। उनकी मां वहीदन अच्छी गायिका और फिल्म अभिनेत्री थीं। उन्होंने उस समय निर्देशक महबूब खान के साथ कुछ फिल्में भी की थीं। निम्मी के पिता सेना कॉन्ट्रेक्टर के तौर पर काम करते थे। वे अपनी दादी के साथ पली और बढ़ीं। विभाजन के बाद ये परिवार भारत आ गया था। निम्मी ने अपनी मां का रिफरेंस देकर निर्माता-निर्देशक महबूब खान से मुलाकात की! वे उन दिनों 'अंदाज' बनाने की तैयारी कर रहे थे। 

  उन्होंने निम्मी को सेंट्रल स्टूडियो में बुलाया था। वे वहाँ शूटिंग देखने पहुंची और नरगिस की माताजी के पास बैठ गईं। राज कपूर का निम्मी को देखने किस्मत बदल दी। वहाँ 'अंदाज' की शूटिंग हो रही थी। इसी सेट पर निम्मी की मुलाकात राज कपूर से हुई, जो उन दिनों 'बरसात' के लिए नया चेहरा तलाश रहे थे। एक्ट्रेस के लिए नरगिस को साइन कर चुके थे। निम्मी की खूबसूरती से राज कपूर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसे फिल्म में सेकंड लीड के रूप में काम करने का प्रस्ताव उनके सामने रखा! इसे निम्मी ने स्वीकार कर लिया। 1949 में प्रदर्शित 'बरसात' की सफलता के बाद निम्मी की इंडस्ट्री में पहचान बन गईं।

 

  उनका नाम नवाब बानो से निम्मी रखे जाने के पीछे भी राज कपूर ही थे। निम्मी ने जब अपनी फिल्म का पहला शॉट दिया और उसमें वह पास हो गई, तो राज कपूर ने सेट पर मिठाई बंटवाई। निम्मी को समझ नहीं आया। जब उन्होंने असिस्टेंट से पूछा तो बताया गया कि आप इस स्क्रीन टेस्ट में पास हो गई हैं।उसके बाद ही राज कपूर आए और उन्होंने नवाब बानो को 'निम्मी' नाम दिया। 'बरसात' के पहले आई राज कपूर की फिल्म 'आग' में हीरोइन का नाम निम्मी ही था। 

  निम्मी की मौसी भी फिल्मों में ज्योति के नाम से काम किया करती थीं। उनकी शादी मशहूर संगीतकार, गायक व अभिनेता जीएम दुर्रानी से हुई थी। निम्मी की शादी मशहूर लेखक एस अली रजा से हुई और ये शादी करवाने में मशहूर अभिनेता मुकरी का बड़ा हाथ रहा। निम्मी के लेखक पति का 2007 में निधन हो गया था। उनकी कोई संतान नहीं थी और वे अपनी भांजी परवीन के साथ रहती थीं। 50 और 60 के दशक की बॉलीवुड अभिनेत्र‍ियों की बात करें, तो निम्मी का नाम सबसे ऊपर आता है। उनकी खूबसूरती का जादू सिर चढ़कर बोलता था। उन्होंने करीब एक दर्जन फिल्मों में काम किया था। 

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