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टीएआर (टोटल आर्टेरियल रेवास्कुलराइजेशन) बायपास ऑपरेशन से यह फायदा है कि पैरों की नसों का उपयोग करने पर ये समय के साथ ब्लाक होने लगती हैं। पांच से सात वर्षों में लगभग 50 प्रतिशत नसें ब्लॉक हो जाती हैं, जबकि टीएआर में प्रयुक्त आर्टरी नसों का सक्सेस रेट 20 वर्षों के बाद भी 90-95% होता हैं। यह ऑपरेशन सभी उम्र के मरीजों के लिए लाभदायक हैं, लेकिन 40 से 65 वर्ष के हृदय रोगियों के लिए यह विशेषतः वरदान हैं, क्योंकि 20 वर्षों का सक्सेस रेट भी 90-95 प्रतिशत रहता हैं।
साथ ही बताया कि इंदौर के चुनिंदा निजी अस्पतालों में ही इस ऑपरेशन की सुविधा है। निजी अस्पताल में इसका 2.5 से 3.5 लाख रुपये खर्च आता है। वहीं सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में टीएआर बायपास का कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा हैं। बायपास ऑपरेशन आयुष्मान हितग्राहियों के लिए निशुल्क हैं और अन्य रोगियों के लिए शासन द्वारा निर्धारित नाम मात्र के शुल्क पर किया जा रहा हैं।