Crypto Fraud: ठगी के लिए 4 करोड़ में सॉफ्टवेयर बनवाया, पकड़ाए तो राज खुला!

मेरठ के इंजीनियर को काम सौंपा, कई लोगों को इससे ठगा!

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Crypto Fraud: ठगी के लिए 4 करोड़ में सॉफ्टवेयर बनवाया, पकड़ाए तो राज खुला!

Meruth : ठगी करने वालों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर 4 करोड़ रुपये में सॉफ्टवेयर तैयार कराया। मेरठ के इंजीनियर के साथ मिलकर यह सॉफ्टवेयर तैयार बनाया गया। इस सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का काम भी इंजीनियर को दिया गया। इसके लिए इंजीनियर को 2 करोड़ रुपये दिए। लेकिन, जब इस मामले में गिरफ्तारी हुई तो पूछताछ में यह खुलासा हुआ।

एसआईटी का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में 4 अन्य कंपनियां बनाई हैं। क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां होनी हैं। कई आरोपी पुलिस की गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हुए हैं। ऐसे में पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। डीजीपी पहले ही कह चुके हैं कि मामले में जो भी आरोपी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस ने बताया कि सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण लेने के लिए इंजीनियर कई बार दुबई भी गया था। इसके बाद आरोपी ने डिजिटल करेंसी का पूरा खेल समझा। भारत लौटकर सॉफ्टवेयर तैयार किया। शातिर आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट भी तैयार की, जिसमें निवेशकों को उनकी आईडी खोलने पर एक डिजिटल करेंसी में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी दिखती थी। जबकि, वास्तव में ऐसा होता नहीं था।

दोगुना रिटर्न के लालच में लोगों के सामने डिजिटल करेंसी का ऐसा जाल बुना गया कि वे इनके झांसे में आते गए। लोगों ने पैसा डबल करने के लालच में निवेश करना शुरू कर दिया। पुलिस एसआईटी क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े हर पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के चलते एसआईटी जांच आगे बढ़ा रही है। एसआईटी का मानना है कि शातिर आरोपियों ने 4 से 5 सॉफ्टवेयर तैयार किए। इसके अलावा कई फर्जी वेबसाइट भी बनाई है।