रिटायर्ड DSP को प्रताड़ित करने के मामले में पन्ना SP सहित दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

इंदौर पुलिस राजपत्रित सेवानिवृत अधिकारी संघ ने DGP के नाम पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा

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रिटायर्ड DSP को प्रताड़ित करने के मामले में पन्ना SP सहित दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

इंदौर: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मंडला थाने में रिटायर्ड DSP भारत सिंह चौहान और उनकी पत्नी को प्रताड़ित करने के मामले में आज इंदौर के पूर्व पुलिस अधिकारी सड़कों पर उतरे। उन्होंने पन्ना SP सहित दोषी अधिकारियों को हटाने और उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में इंदौर पुलिस राजपत्रित सेवानिवृत अधिकारी संघ ने DGP के नाम पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में सौंपा गया।

मध्य प्रदेश में पन्ना जिले में मंडला थाने में पुलिस द्वारा सेवानिवृत डीएसपी भारत सिंह चौहान और उनकी पत्नी के साथ हुए दुर्व्यवहार और गिरफ्तारी के खिलाफ इंदौर के रिटायर्ड पुलिस अधिकारी लामबंद हुए। मध्य प्रदेश के इतिहास में शायद यह पहला मौका होगा जब एक रिटायर्ड अधिकारी के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर रिटायर्ड पुलिस अधिकारी एक साथ एकत्रित होकर DGP के नाम इंदौर के पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा ।

इंदौर पुलिस राजपत्रित सेवानिवृत अधिकारी संघ के पदाधिकारी और किसी समय मप्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) रहे देवेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि पन्ना जिले में मंडला थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान पिछले दिनों सेवानिवृत्त DSP भारत सिंह चौहान के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनकी पत्नी को भी प्रताड़ना सहना पड़ी। यह बहुत ही दुख की बात है कि एक रिटायर्ड अधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी ने अमानवीय व्यवहार किया। इतना ही नहीं उन्हें थाने में बिठा कर रखा और बिना वजह आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी मामला बना दिया। हालत यह हो गई कि 80 साल के बुजुर्ग रिटायर्ड अधिकारी को अपनी जमानत के लिए कोर्ट के चक्कर लगाना पड़े। इस अभद्र व्यवहार और मानवीय प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पहली बार इंदौर के सभी सेवानिवृत पुलिस अधिकारी एकजुट हुए और इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को उनके पलासिया स्थित कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा।

किसी समय इंदौर के लोकप्रिय पुलिस अधीक्षक रहे श्री देवेंद्र सिंह सेंगर ने उक्त घटना को अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इसका विरोध करना जरूरी है।

ज्ञापन में डीजीपी से मांग की गई है कि इस अमानवीय घटना को लेकर पन्ना जिले के सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाय। साथ ही पन्ना पुलिस द्वारा की गई एकतरफा कार्यवाही की भोपाल स्तर पर जांच की जाय । निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है कि पन्ना स्थित सम्बन्धित दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों को वहां से तत्काल हटाया जाए।