Don’t Troll on Social Media:गोद से गिरी बच्ची मगर हो गई मां की मौत,परिवार ने दर्ज कराया हत्या का मामला, पुलिस जांच शुरू

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Don’t Troll on Social Media:गोद से गिरी बच्ची मगर हो गई मां की मौत,परिवार ने दर्ज कराया हत्या का मामला, पुलिस जांच शुरू

 सोशल मीडिया पर एक महिला को कई दिनों से ट्रोल किया जा रहा था. अंतत: महिला ने परेशान होकर आत्महत्या कर ली।जब जांच की गई तो पता चला कि ट्रोल्स से तंग आकर आत्महत्या करने वाली महिला भी एक आईटी प्रोफेशनल थी। उसका नाम राम्या था. 33 साल की राम्याट्रोल शब्द आप अक्सर सुनते होंगे और आपके दिमाग में यह सवाल आता होगा कि आखिर यह ट्रोल है क्या. किन्हें ट्रोलर्स कहते हैं और क्या इसका संबंध सिर्फ इंटरनेट  पर किसी को टारगेट करके उसे बुरा साबित कर देना भर है. आज हम आपको ट्रोल के बारे में स बताने जा रहे हैं ,इससे कितने बड़े  नुकसान हो सकते हैं .खेल खेल में आपकी त्रोलिंग  किसी के जीवन से खिलवाड़ न बन जाय !

Don't Troll on Social Media

अप्रैल महीने में राम्या के साथ एक ऐसी घटना घटी जिसे वह भूल नहीं पाईं. वह घर की बालकनी में बैठकर अपनी बेटी को खाना खिला रही थी, तभी अचानक बच्ची उसके हाथ से छूट गई और बालकनी से नीचे पहली मंजिल की बालकनी में जा गिरी। लोगों की मेहनत और सूझबूझ से लड़की की जान बच गई. लेकिन जब यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो राम्या के पीछे ट्रोल होने लगे। उन्होंने लड़की की मां को जिम्मेदार ठहराते हुए बिना सोचे-समझे राम्या को ट्रोल करना शुरू कर दिया। ये बात राम्या के दिल को इतनी छू गई कि उसने खतरनाक कदम उठाने का फैसला कर लिया.

गोद से गिरी थी बच्ची, ट्रोलिंग से परेशान होकर मां ने की आत्महत्या - child fell from her lap mother committed suicide due to trolling-mobile

अवसाद के कारण आत्महत्या कर ली

ट्रोलिंग से परेशान होकर राम्या दो हफ्ते पहले अपने पांच साल के बेटे और सात महीने की बेटी के साथ कोयंबटूर स्थित अपनी मां के घर आ गईं. रविवार को राम्या के माता-पिता और पति एक रिश्तेदार की शादी में गए और जब वे घर लौटे तो उन्होंने राम्या को मृत पाया। दरअसल इस घटना के बाद स्थानीय चैनल भी इस मामले को काफी तूल देने लगे. इस मामले में चैनल ने बच्ची को बचाने वाले को हीरो और मां को लापरवाह बताना शुरू कर दिया. इसका असर राम्या पर इस हद तक हुआ कि वह डिप्रेशन में आ गईं।

राम्या का इलाज चल रहा था

राम्या के पति के मुताबिक, राम्या का डिप्रेशन का इलाज भी चल रहा था और अब उनकी हालत पहले से बेहतर है। लेकिन परिवार वालों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि राम्या ऐसा कदम उठा लेगी. इस घटना ने एक नई बहस को भी जन्म दे दिया है.

सोशल मीडिया को दोष दें

दरअसल, यह उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक माना जा सकता है जो सोशल मीडिया पर कुछ भी लिख देते हैं और इस आभासी दुनिया की बातों को दिल पर ले लेते हैं। वर्चुअल स्पेस में बिना सोचे-समझे किसी के बारे में गलत बातें कहना और लिखना दरअसल किसी के भी दिमाग पर गहरा असर डाल सकता है, जिससे स्थिति बेहतर होने की बजाय और खराब हो सकती है। राम्या को इसका ताजा सबूत माना जा सकता है.

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