
Dr Apoorva Pauranik: न्यूरोलॉजिस्ट लेखक और पुत्र की दोहरी भूमिका में डॉक्टर अपूर्व पौराणिक
इंदौर: इंदौर के सुप्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर अपूर्व पौराणिक ने पुत्र के रूप में अपने पिता की पार्किन्सन बीमारी को लेकर हाल ही में एक पुस्तक लिखी है। मध्य प्रदेश या यूं कहें पूरे देश में शायद यह पहला उदाहरण होगा जब एक विशेषज्ञ डॉक्टर ने अपने पिता की गंभीर बीमारी पर केंद्रित एक पुस्तक लिखी है जो इस तरह के अन्य मरीजों के लिए निश्चित तौर पर लाभकारी सिद्ध होगी।
पुस्तक का नाम है *पा और पा – पार्किंसोनिज्म और मेरे पापा* ।

डॉक्टर पौराणिक के दिवंगत पिता श्री कृष्णवल्लभ पौराणिक (1929-2016) ने जीवन के अंतिम 15 वर्ष पार्किन्सन रोग के साथ गुजारे। इस पुस्तक में डॉक्टर पौराणिक की दोहरी भूमिका है। एक न्यूरोलॉजिस्ट लेखक और एक पुत्र की। पुस्तक में उन्होंने पापा के पार्किन्सन रोग के साथ उनके अनुभवों को बीच बीच में शामिल किया है। एक चिकित्सक शिक्षक और एक पुत्र दोनों बारी-बारी से अपनी बात अलग-अलग तरीके व अलग-अलग दृष्टिकोण से कहते हैं।

माना जा सकता है कि वैज्ञानिक और व्यक्तिगत का यह मेल रोग के बारे में न केवल ज्ञान समझ बल्कि संवेदना– सहानुभूति को भी बढ़ावा देगा। हिन्दी भाषा में ऐसे प्रयास कम हैं।

डॉ अपूर्व पौराणिक कहते हैं- इस पुस्तक का लिखा जाना, मेरे लिए एक भावनात्मक संतुष्टि व उपलब्धि का विषय है। बता दे कि डॉक्टर पौराणिक इंदौर के महाराजा यशवंत राव चिकित्सालय में कई सालों तक न्यूरो फिजिशियन के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह HOD रहे।

वे इंदौर मेडिकल कॉलेज के वर्षों तक प्रोफेसर भी रहे और उन्होंने कई छात्रों को विशेषज्ञ डॉक्टर के रूप में तैयार किया।




