राज्यसभा की दूसरी पारी नहीं खेल पाए डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, बोले- पार्टी का निर्णय शिरोधार्य

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राज्यसभा की दूसरी पारी नहीं खेल पाए डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, बोले- पार्टी का निर्णय शिरोधार्य

बड़वानी :भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा की दो सीटों के लिए राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ और प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इसके साथ ही बड़वानी जिले के आदिवासी नेता एवं निवर्तमान राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को दूसरी बार राज्यसभा भेजे जाने की अटकलों पर विराम लग गया है।

डॉ. सोलंकी का छह वर्षीय राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चाएं जोरों पर थीं, लेकिन पार्टी ने इस बार नए नामों पर भरोसा जताया। नामों की घोषणा के बाद डॉ. सोलंकी ने कहा कि उन्हें पार्टी का निर्णय पूरी तरह स्वीकार है और वह इसे शिरोधार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह प्रदेश भाजपा महामंत्री के रूप में संगठन के लिए सक्रियता से काम करेंगे।

डॉ. सोलंकी ने कहा, “मुझे इस बात का संतोष है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में मैंने अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ निर्वहन किया। जनता के मुद्दों को संसद तक पहुंचाने का प्रयास किया और पद के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश की।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व ने इस संबंध में उनसे कोई चर्चा नहीं की है और न ही किसी अन्य पद के लिए कोई आश्वासन दिया गया है।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. सोलंकी की सक्रियता और संगठन में बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भविष्य में उन्हें निमाड़ क्षेत्र की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। यह भी चर्चा है कि वे बड़वानी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं पूर्व मंत्री प्रेम सिंह पटेल के राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में उभर सकते हैं।

बड़वानी स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इतिहास के सहायक प्राध्यापक रहे डॉक्टर सोलंकी वर्ष 2020 में राज्यसभा पहुंचे थे. वे संसदीय स्थायी समिति (शहरी विकास), अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समिति, रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति तथा संसदीय राजभाषा समिति की उपसमिति के सदस्य रहे। संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने आदिवासी अधिकार, वनाधिकार, शिक्षा, रोजगार, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

डॉ सोलंकी ने संघ के अनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना में मालवा प्रांत के पदाधिकारी के रूप में कई वर्षों तक काम किया. इसके अलावा वे भाजपा एस टी मोर्चा के राष्ट्रीय नीति व शोध प्रभारी तथा संसदीय संकुल विकास परियोजना के राष्ट्रीय प्रभारी भी रहे.

राज्यसभा में उनकी उपस्थिति लगभग शत-प्रतिशत रही। उन्होंने सैकड़ों प्रश्न पूछे और अनेक महत्वपूर्ण बहसों में हिस्सा लिया। उनकी सक्रियता की चर्चा उस समय प्रदेशभर में हुई थी जब उन्हें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की संभावनाओं से भी जोड़ा जाने लगा था।

सोशल मीडिया पर भी डॉ. सोलंकी की मजबूत पकड़ मानी जाती है। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद उन्होंने पार्टी द्वारा घोषित दोनों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। हालांकि उनके समर्थकों में उन्हें पुनः राज्यसभा न भेजे जाने को लेकर निराशा भी देखी जा रही है। इसके बावजूद भाजपा संगठन में उनकी भूमिका और भविष्य की राजनीतिक दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।