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Duplicate Protein : बॉडी बनाने के लिए नकली प्रोटीन पाउडर बेचने वाले पर कार्रवाई!

असली जैसा दिखाने के लिए डुप्लीकेट रैपर भी बनवा लिए!

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Duplicate Protein : बॉडी बनाने के लिए नकली प्रोटीन पाउडर बेचने वाले पर कार्रवाई!

Indore : जूनी इंदौर पुलिस ने नकली प्रोटीन वाला हेल्थ पावडर और इंजेक्शन बेचने के मामले में दुकान मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस जांच में जानकारी मिली मैनेजर ने इंस्टाग्राम पर खुद का पेज बना रखा था। ऑनलाइन फॉर्मूला सीखने के बाद उसने खुद ही प्रोटीन पावडर तैयार कर लिया था। उसने अपने डुप्लीकेट प्रॉडक्ट को असली जैसा दिखाने के लिए हूबहू डुप्लीकेट रैपर भी बनवाए थे। पिछले दिनों जिस दुकानदार ने युवा को घोड़े को लगने वाला इंजेक्शन बेचा था, ये मामला उसी दुकान का है।

इन दिनों बॉडी बनाने वाले युवाओं को प्रोटीन पावडर की लत लगाने के बाद कम दामों में बेचने की होड़ लगी है। इससे युवाओं की सेहत बिगड़ रही है। जूनी इंदौर इलाके में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। प्रोटीन पावडर के नाम पर नकली प्रोडक्ट बेचने वाले दुकानदार का स्टिंग करने जब युवा पहुंचे, तो उसने मौके से सभी बैनर-पोस्टर-पेम्प्लेट्स हटा दिए। पुलिस ने प्रोटीन पावडर जब्त कर जांच के लिए लैब में भेज दिए। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नकली प्रोटीन पाउडर से बीमार होने वाले युवा राकेश ने बताया कि वह तीन साल से प्रोटीन पाउडर ले रहा है, पर कभी बीमार नहीं हुआ। उन्होंने इंस्टाग्राम पर सपना-संगीता रोड पर हाई बोर्न न्यूट्रीशन का एड देखा। पता निकालकर वह 14 मार्च को रवींद्र की दुकान पर पहुंचा। रवीन्द्र ने उसे मार्केट से सस्ते दाम पर प्रॉडक्ट देने का दावा किया। राकेश ने कहा कि रवींद्र ने उसे गिफ्ट में प्रोटीन के इंजेक्शन, जिम बेग, फिश ऑइल केप्सूल, पीनट बटर, शेकर और प्रोटीन पाउच भी सस्ते दामों में देने का दावा भी किया।

जब राकेश ने यह प्रोटीन पावडर लिया तो कुछ ही दिन में पेट खराब हो गया। यहां तक कि इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जूनी इंदौर पुलिस के मुताबिक राकेश ने जो पावडर ओर इंजेक्शन लिये थे उसे टेस्ट के लिये भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक इसके बाद ही रवींद्र से पूछताछ और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल में भर्ती होने के बाद राकेश ने पूरा घटनाक्रम अपने दोस्तों को बताया। राकेश के दोस्त वही प्रॉडक्ट खरीदने पहुंचे। जब उन्होंने रवींद्र को बताया कि वे वीडियो बना रहे हैं, तो रवींद्र ने प्रॉडक्ट बेचने की बात से इंकार कर दिया। इसके बाद रवीन्द्र ने अपने कर्मचारी से वहां लगे पेम्पलेट्स हटवा दिए। 15 सौ रुपए की कीमत लगाने के बाद पैकेट पर एमआरपी नहीं थी। राकेश के दोस्तों ने यह वीडियो भी पुलिस को जांच के लिए सौंप दिया।

टीआई नीरज मेंढा के मुताबिक राकेश खरे निवासी गुरुनगर विजयनगर की शिकायत पर पुलिस ने हाई बोर्न न्यूट्रीशन के मैनेजर रवीन्द्र के खिलाफ 272, 337 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस को राकेश ने अपने बयान में बताया कि वह तीन सालों से जिस ब्रांड का प्रोटीन पावडर व अन्य प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहा था। लेकिन, इस दौरान कभी उसकी तबीयत नहीं बिगड़ी।