
संविधान में उल्लेखित अधिकारों का प्रत्येक व्यक्ति को लाभ मिलना चाहिए – मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष डॉ सिंह
मानव अधिकार आयोग के प्रदेश अध्यक्ष की मंदसौर के आयोग मित्रों से हुई चर्चा
मंदसौर से वरिष्ठ पत्रकार डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर। समाज के सशक्तिकरण के लिए मानव अधिकारों का संरक्षण आवश्यक है। किसी भी सभ्य समाज की यह एक पहचान होती है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को उसके संवैधानिक अधिकारों का लाभ मिलता रहे उससे वे वंचित न रहे।
यह विचार व्यक्त किए हैं मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अवधेश प्रताप सिंह ने। आप मंदसौर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस पर जिले के मानव अधिकार आयोग मित्रों से चर्चा करते हुए सवालों के जवाब दे रहे थे।
आपने कहा कि मंदसौर के दौरे के दौरान उनकी जिला कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग और पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना से मानव अधिकारों के संरक्षण के मुद्दे पर चर्चा हुई है। मानव अधिकारों के संरक्षण का प्राथमिक दायित्व तो शासन प्रशासन का ही है किंतु प्रशासन के पास कार्यभार इतना अधिक होता है कि वह चाह कर भी इस दिशा में तत्पर कार्यवाही नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आम जनों की शिकायतें मानव अधिकार आयोग को प्राप्त होती है मंदसौर के अधिकारियों को मैंने यही निर्देश दिए हैं कि कहीं भी यदि मानव अधिकारों के उल्लंघन की शिकायते आती है तो तत्परता से कार्यवाही की जाए ताकि आयोग तक यह शिकायतें नहीं पहुंचे।
उन्होंने बताया कि मंदसौर के अनेक नागरिकों और संस्थाओं ने उन्हें सीतामऊ रोड पर आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और सड़क निर्माण की त्रुटि की ओर ध्यान आकर्षण कराया है हालांकि इस विषय में हमने नागरिकों की शिकायतों और अखबारों में छपी खबरों के अनुसार इस विषय को स्वतः संज्ञान में लिया है, कलेक्टर ने आश्वस्त भी किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द ही कार्यवाही की जाएगी। एमपी आरडीसी के अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि जहां स्पीड ब्रेकर घिस गए हैं उनका पुनः निर्माण किया जाए खतरनाक मोड़ पर संकेतक लगाए जाएं और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जो कुछ भी किया जा सकता है वह तत्परता से किया जाए।

उन्होंने कहा कि मंदसौर में स्लेट पेंसिल उद्योग घरों में भी चल रहे हैं बाहर भी चल रहे हैं इस उद्योग से सीधे-सीधे मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है इसलिए जो भी लोग इस उद्योग में कार्यरत हैं उनके स्वास्थ्य के संरक्षण की दिशा में भी ध्यान देने की आवश्यकता है यह भी निर्देश दिए गए हैं। इंदौर के भागीरथपुरा के दूषित पेयजल मामले के बाद प्रदूषित पानी की समस्याएं लगातार उनके समक्ष आ रही हैं उन्होंने पूरे प्रदेश के जिलों को प्रदूषित जल से जुड़ी हुई कोई भी शिकायत या समस्या है तो उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा है ताकि इंदौर जैसी घटना का कहीं की कहानी पुनरावृत्ति ना हो।
एक प्रश्न के उत्तर में मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि हमारा यह प्रयास रहता है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द हो जाए और संविधान ने जो उन्हें मूल अधिकार दिए हैं उनका लाभ उन्हें मिलता रहे।इस दिशा में हमें आयोग मित्रों का भी सहयोग मिलता है। प्रदेश के कई जिलों में आयोग मित्रों का मनोनयन किया गया है कुछ जिले अभी भी शेष है जहां आयोग मित्र जल्द ही मनोनीत किए जाएंगे आम जन आयोग मित्रों से भी मिलकर अपनी समस्याएं हम तक पहुंचा सकते है। जल्द ही हर जिले में मानव अधिकारों की समस्याओं के विषय में भी जनसुनवाई की व्यवस्था आरंभ की जाएगी जिसमें आयोग मित्र और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर समस्याओं के समाधान की पहल करेंगे।
आपने बताया कि प्राय: मानव अधिकार आयोग के समक्ष ऐसी समस्याएं आती है जो सीधे प्रशासन से जुड़ी रहती हैं लेकिन तत्काल कार्यवाही नहीं होने पर यह शिकायत हम तक आती हैं जैसे सांप काटने से मृत व्यक्ति के परिजनों को तत्काल मुआवजा नहीं मिलता खदान में मजदूर दब कर मर जाते हैं कुएं में गिरकर किसी की मौत हो जाती है तो नियमानुसार ऐसी घटनाओं पर मुआवजा तत्काल मिलना चाहिए लेकिन दो-दो तीन-तीन साल हो जाते हैं मुआवजा नहीं मिलता है तो ऐसे मामले जब हमारे समक्ष आते हैं तो हम इनका तत्काल निराकरण करते हैं पेंशन संबंधी भी कई मामले हमारे सामने आते हैं सेवानिवृत होने के बाद कई कर्मचारी पेंशन के लिए परेशान होते हैं भटकते हैं जबकि पेंशन पाना उनका अधिकार है तो इन सभी मसलों पर मानव अधिकार आयोग तत्परता से कार्यवाही करता है।

उन्होंने कहा कि वह पहले भी मंदसौर आए हैं लेकिन इस प्रवास के दौरान उन्होंने मंदसौर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन किए बड़ा सुंदर पशुपति लोक वहां बन गया है मंदिर का भी काफी विस्तार हुआ है मुझे ऐसा लगा कि मैं पहली बार ही यहां आया हूं।
इस चर्चा के पूर्व श्री सिंह का मंदसौर जिले के मानव अधिकार आयोग मित्र डॉ. घनश्याम बटवाल,डॉ. उर्मिला तोमर, डॉ के एल राठौर और ब्रजेश जोशी ने उनका स्वागत किया। चारों आयोग मित्रों ने उन्हें मंदसौर क्षेत्र से जुड़े हुए अनेक विषयों की ओर उनका ध्यान आकर्षण कराया।
अध्यक्ष डॉ सिंह ने आयोग मित्रों से परिचय प्राप्त किया और अधिक सक्रियता से कार्य करने को प्रेरित किया।





