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प्राध्यापकों की नियुक्ति संबंधित विश्वविद्यालय करता है-
बीएड कॉलेज की मान्यता संबंधी 80 फीसदी कार्रवाई एनसीटीई करता है। कॉलेज की जमीन राज्य सरकार तय करती है। प्राध्यापकों की नियुक्ति संबंधित विश्वविद्यालय की अकादमी शाखा करती है। बीएड कॉलज प्रबंधन प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन प्रकाशित करते है। चयनित प्राध्यापकों की सूची कॉलेज प्रबंधन को जारी करना होता हैं। संबंधित विश्वविद्यालय चयनित प्राध्यापकों की यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार वेतन तय करता हैं।
छात्र बिना पढ़े पास हो जाते हैं-
उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित विश्वविद्यालय की निष्क्रियता का फायदा उठाते हुए बीएड कॉलेज चयनित प्राध्यापकों की सूची केवल कागजों में दबा कर रखते है। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा भौतिक सत्यापन नहीं करने पर कॉलेज प्रबंधन अपने हिसाब से प्राध्यापक रखते है। जब कोई छात्र ऐसे कॉलेज में दाखिला लेता है तो जब उसे जानकारी लगती है कि यहां पर कोई दक्ष प्राध्यापक नहीं है। कॉलेज प्रबंधन सुविधा शुल्क का लालच देकर छात्रों को पास कराने की सौ फीसदी गारंटी लेकर छात्रों को अच्छे नंबर से पास करा देते हैं।