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नहीं तय
अब इनमें से किसे क्या जिम्मेदारी दी जाएगी यह केंद्रीय नेतृत्व के साथ ही प्रदेश भाजपा का संगठन तय करेगा। गुना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यह वादा कर गए हैं कि पार्टी केपी यादव का ध्यान रखेगी। इसी तरह रमाकांत भार्गव को बुधनी विधानसभा से चुनाव लड़वाकर एडजस्ट किया जा सकता है। बाकी के 6 सांसदों को क्या जिम्मेदारी दी जाएगी यह अभी तय नहीं हैं। वैसे पार्टी इन सभी को संगठन में एडजस्ट कर सकती है, लेकिन उसमें अभी वक्त लग सकता है। वहीं पार्टी की इन सीटों पर जीत-हार के बाद अगले रणनीति तय होगी, उसके तहत इनमें से किसे कहां एडजस्ट करना हैं, इस पर विचार किया जा सकता है।
2019 में इनका कटा था टिकट
वर्ष 2014 में मुरैना से अनूप मिश्रा सांसद बने, भिंड से भागीरथ प्रसाद, बालाघाट से बोध सिंह भगत, भोपाल से आलोक संजर, इंदौर से सुमित्रा महाजन, खरगौन से सुभाष पटेल और बैतूल से ज्योति धुर्वे का टिकट वर्ष 2019 के चुनाव में कट गया था। तब धार से सांसद रही सावित्री ठाकुर को भी टिकट नहीं दिया गया था, लेकिन इस बार उन्हें धार से उम्मीदवार बनाया गया हैं। बोध सिंह भगत ने भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। वहीं अनूप मिश्रा, भागीरथ प्रसाद, आलोक संजर, सुमित्रा महाजन, ज्योति धुर्वे में से किसी के पास संगठन की ओर से कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं हैं।