
Eye Donation : श्रीमती राधीबाई लालचंदानी का निधन परिजनों की सहमति से हुआ नेत्रदान!
अब 2 दृष्टिहीनों के जीवन में आएगा उजियारा
Ratlam : शहर की लालबाग कॉलोनी निवासी स्वर्गीय परमानंद लालचंदानी की धर्मपत्नी श्रीमती राधीबाई लालचंदानी के निधन के उपरांत उनके परिजनों ने समाजसेवा और मानवता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उनका नेत्रदान किया। इस पुण्य कार्य से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने की संभावना हैं जिससे उनके जीवन में नया उजियारा आएगा।
इस पुनीत कार्य हेतु भगवान ढलवानी ने दिवंगत के पुत्र गोविंद लालचंदानी, अनिल लालचंदानी एवं अन्य परिजनों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया, जिस पर परिजनों ने सहर्ष सहमति प्रदान की।
नेत्रम संस्था के हेमंत मूणत ने बताया कि परिजनों की सहमति मिलते ही बड़नगर स्थित गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जीएल ददरवाल को तत्काल सूचना दी गई। सूचना मिलते ही उनकी टीम के सदस्य मनीष तलाच एवं परमानंद राठौड़ ने त्वरित रूप से रतलाम पहुंचकर नेत्र संरक्षण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
नेत्रदान के दौरान परिवार के सभी सदस्यों, रिश्तेदारों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने कॉर्निया लेने की प्रक्रिया को देखा तथा अपनी भ्रांतियों को दूर किया व भविष्य में स्वयं एवं अपने परिवार में नेत्रदान कराने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर नेत्रम संस्था के नवनीत मेहता, गिरधारीलाल वर्धानी, शलभ अग्रवाल, जय टेकचंदानी, आरके सतवानी सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे। नेत्रम संस्था द्वारा दिवंगत के परिजनों को प्रशस्ति-पत्र भेंटकर उनकी उदारता एवं सहृदयता का सम्मान किया गया।
नेत्रम संस्था ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से अपील की हैं कि वे नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य में सहयोग करें साथ ही संस्था ने यह भी जानकारी दी कि नेत्रदान हेतु नेत्रम संस्था 24 घंटे, 7 दिन सेवा एवं सहायता उपलब्ध करवाती है जिससे समय पर नेत्रदान संभव हो सके और समाज को अंधकार से प्रकाश की और ले जाने में सभी सहभागी भी बन सकें!





