Father Acquitted of Rape Charges : सौतेली बेटी ने दुष्कर्म के आरोप में पिता को जेल भिजवाया, सगी नाबालिग बेटी ने केस लड़ा, पिता कोर्ट से बरी।

जानिए क्या है पूरा मामला!

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Father Acquitted of Rape Charges : सौतेली बेटी ने दुष्कर्म के आरोप में पिता को जेल भिजवाया, सगी नाबालिग बेटी ने केस लड़ा, पिता कोर्ट से बरी।

बागली (देवास) से कुंवर पुष्पराज सिंह सिसौदिया की रिपोर्ट 

Bagli (Dewas) : देवास जिले की बागली एडीजे कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में बड़ा फैसला सुनाया। एक सौतेली बेटी ने पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया गया था। बाद में सगी नाबालिग बेटी मेहनत-मजदूरी करके लगातार पिता को न्याय दिलाने के लिए लगी रही। जब, डीएनए रिपोर्ट निगेटिव आई तो कोर्ट ने पिता को दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया।

घटना के अनुसार, बागली थाना के अंतर्गत फरवरी 2021 में पीड़िता ने सौतेले पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पुलिस में केस दर्ज करवाया था। इसमें बताया था कि सौतेला पिता उसके साथ 10 साल से दुष्कर्म कर रहा था। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट व दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया। इस मामले में आरोपी की सगी नाबालिग बेटी ने पिता को झूठे केस से बाहर निकालने के लिए लोगों के घरों में झाड़ू-पौछा किया और मजदूरी की। साढ़े 6 हजार रुपए इकट्‌ठा कर इंदौर हाईकोर्ट में जमानत की अपील की।

बागली एडीजे कोर्ट में पीड़िता, पुलिस, डॉक्टर व परिजन सहित 12 गवाहों के बयान हुए। जब मेडिकल परीक्षण हुआ तो पीड़िता ने बताया कि अक्टूबर 2020 में मुझे 24 माह का गर्भ था। लेकिन, डॉक्टरों ने जब सूक्ष्मता से जांच की, तो पता चला कि 24 माह का गर्भ सितंबर 2020 में होगा। यही से पूरी कहानी बदल गई। बाद में नवजात शिशु व आरोपी के डीएनए की जांच करवाई गई, तो रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं पीड़िता ने जिस घर को घटनास्थल बताया था। वह 15X15 का एक कमरा है जिसमें सात सदस्य रहते हैं। इतने छोटे से कमरे में दस साल से दुष्कर्म करने व अक्टूबर 2020 में आखिरी बार दुष्कर्म करने की घटना की जानकारी मां, अन्य चार भाई-बहन को नहीं थी। इसका उल्लेख कोर्ट ने अपने आदेश में किया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी मां के लिए यह संबंध स्वीकार योग्य नहीं है कि उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म जैसा घृणित अपराध होने पर भी वह चुप रहेगी।

इधर, आरोपी की ओर से तर्क था कि पीड़िता 2018 में घर से चली गई थी, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट आरोपी पिता ने ही दर्ज करवाई थी। 29 जनवरी 2021 को वापस भाग गई थी, जिसकी भी रिपोर्ट पिता ने दर्ज करवाई थी। इसी दौरान पीड़िता ने 1 फरवरी 2021 को शादी कर ली थी।

इसके बाद बागली थाने पर बयान देकर अपने पति के साथ चली गई थी। बाद में पति और सास के साथ थाने आकर पिता के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीड़िता की शादी से आराेपी पिता राजी नहीं था, जिससे पीड़िता अपने साैतेले पिता से नाराज थी। इन सभी परिस्थितियों, मेडिकल रिपाेर्ट, घटना के संबंध में पीड़िता के कथन विश्वसनीय नहीं होने आदि के आधार पर काेर्ट ने आरोपी पिता काे बरी कर दिया।

पीड़िता के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। जब पीड़िता आठ माह की थी, तब आरोपी ने पीड़िता की मां से विवाह किया था। शादी के बाद उनके पीड़िता के अलावा चार बच्चे और हुए। इसमें पिता के लिए केस लड़ने वाली नाबालिग भी शामिल है। दुष्कर्म के आरोप में नाबालिग के पिता एक साल सात महीने 8 दिन तक बागली उप जेल में बंद भी रहे।