खरगोन में लॉरेन्स गैंग के नाम पर फायरिंग और 10 करोड़ की रंगदारी: 18 आरोपी गिरफ्तार

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खरगोन में लॉरेन्स गैंग के नाम पर फायरिंग और 10 करोड़ की रंगदारी: 18 आरोपी गिरफ्तार

खरगोन: मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में लॉरेन्स गैंग के नाम पर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने अब तक 18 आरोपियों को।गिरफ्तार कर लिया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शकुंतला रूहल के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से लगभग 44 लाख रुपये का मशरुका जब्त किया जा चुका है। हालिया कार्रवाई में पुलिस ने राजा, विष्णु, रवि, जावेद, संदीप और कुलदीप को गिरफ्तार किया है। वहीं, पूर्व में गिरफ्तार आरोपी राजपाल से पुलिस रिमांड के दौरान एक पिस्टल (कीमत करीब 25 हजार रुपये), एक स्कॉर्पियो वाहन (करीब 15 लाख रुपये) और एक बुलेट बाइक (करीब 1.5 लाख रुपये) जब्त की गई है। इसके अलावा आरोपी जावेद से एक हुंडई एक्सेंट कार (करीब 8 लाख रुपये) और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

यह पूरा मामला 17 मार्च 2026 को सामने आया था, जब भीलगांव निवासी फरियादी सत्येंद्र राठौड़ ने थाना कसरावद में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, उनके और उनके पिता दिलीप सिंह राठौड़ के व्हाट्सएप पर एक इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को “हैरी बॉक्सर” बताते हुए लॉरेन्स गैंग का सदस्य बताया। आरोपी ने दावा किया कि उसने ही उनके घर पर फायरिंग करवाई है और 10 करोड़ रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। साथ ही फायरिंग का वीडियो भी शेयर किया । अगली बार हथगोला फेंकने की चेतावनी भी दी गई।

इस शिकायत पर मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर एक-एक कर गिरफ्तारियां कीं। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से रेकी, फायरिंग, हथियार उपलब्ध कराने और फरारी में मदद जैसी भूमिकाएं निभाईं।

1. राजपाल (पूर्व से गिरफ्तार)

भूमिका: गैंग का सक्रिय सदस्य।

फायरिंग घटना में शामिल, फरारी के दौरान हथियार अपने पास रखा।

पुलिस रिमांड में उसके पास से पिस्टल, स्कॉर्पियो और बुलेट बाइक जब्त।

2. जावेद पिता जाकिर खान (30 वर्ष), निवासी अमरपुरा जिला देवास

भूमिका: रेकी (जासूसी) करना और शूटरों को मौके तक पहुंचाना।

फायरिंग के लिए कार उपलब्ध कराई और पिस्टल की व्यवस्था की।

3. कुलदीप पिता मेहरबान सिंह राजपूत, निवासी कसारी चौहान, जिला रतलाम

भूमिका: मुख्य आरोपी राजपाल को पिस्टल उपलब्ध कराना और फरारी में मदद करना।

4. विष्णु पिता बलराम मालवीय (36 वर्ष), निवासी उज्जैन

भूमिका: फरार आरोपी राजपाल को अपने घर में छिपाकर संरक्षण देना।

5. राजा पिता साकिर खान (30 वर्ष), निवासी देवास (हाल पुरा)

भूमिका: फायरिंग से पहले रेकी करना और घटना की योजना में शामिल होना।

पहले से NDPS मामले में जेल में निरुद्ध रह चुका है।

6. रवि पिता विक्रम चौहान, निवासी कसारी चौहान, जिला रतलाम

भूमिका: घटना से पहले फरियादी के घर की रेकी करना।

7. संदीप पिता हुकूमचंद प्रजापति, निवासी बिछड़ोद, जिला उज्जैन

भूमिका: मुख्य आरोपी राजपाल को अन्य आरोपियों से मिलवाना, पिस्टल खरीदने और शूटरों के खर्च की व्यवस्था करना।

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पुलिस के अनुसार आरोपी राजपाल सिंह चंद्रावत को घटना के बाद इंदौर में दो और वारदातों के टारगेट मिले थे, लेकिन समय रहते उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गैंग सरकारी दस्तावेजों जीएसटी, रेरा व सोशल मीडिया के माध्यम से पैसे वाले टारगेट तय करता है। इसके बाद शूटर हायर किए जाते हैं जो फायरिंग की वीडियो बनाकर हैरी बॉक्सर भेजते थे । हैरी सोशल मीडिया के जरिए फिरौती मांगता था। गैंग के हाई-लेवल सदस्य सिग्नल ऐप का उपयोग करते थे। शूटरों को कियोस्क सेंटर से पैसा पहुंचाया जाता था।

हालांकि फरियादी सत्येंद्र राठौर और उसके पिता दिलीप राठौड़ पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है उनका कहना है कि मुख्य षड्यंत्र करता अभी भी बचाया जा रहा है।

एडिशनल एसपी का कहना है कि मामले में कुछ अन्य आरोपी भी शामिल हो सकते हैं ।उन आरोपियों की पहचान कर तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।