
लखनऊ की घटना के बाद इंदौर में जागा प्रशासन,कैटेलाइजर कोचिंग सेंटर को किया सील
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर गठित विभिन्न टीमों ने कोचिंग सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें फायर सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर प्रसिद्ध कैटेलाइजर कोचिंग सहित कई अन्य बड़े संस्थानों को मौके पर ही सील कर दिया गया है।
इंदौर :लखनऊ की कोचिंग में हुए भीषण अग्निकांड हादसे के बाद इंदौर का जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। ।इंदौर प्रशासन, नगर निगम और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने कई कोचिंग संस्थानों का पर छापेमारी की। जांच में गीता भवन स्थित कैटालाइजर कोचिंग सेंटर में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलीं। बिल्डिंग का इमरजेंसी एग्जिट बंद था।इस पूरी बड़ी कार्रवाई को लेकर इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के विशेष और कड़े आदेश पर प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की कई संयुक्त टीमें गठित की गई हैं।
इसके साथ ही केटेलाइजर कोचिंग संस्थान, नुकलियम कोचिंगसंस्थान, रामानुजन कोचिंग संस्थान, आयाम कोचिंग संस्थान, मक्खन वाला होटल और इकरथ कोचिंग संस्थान को सील कर दिया गया है। इमरजेंसी एग्जिट बंद होने से बड़ी संख्या में छात्रों के फंसने की आशंका थी।

वेदा बिजनेस पार्क से अपोलो आर्केड तक जांच
संयुक्त टीम ने कोचिंग सेंटर्स के साथ शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड और भंवरकुआं क्षेत्र के कई व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी व्यवस्था जांची गई।जांच में पाया गया कि कई भवनों में फायर सिस्टम खराब थे। रूल्स मुताबिक उपलब्ध नहीं थे। कुछ जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम का नियमित रखरखाव भी नहीं किया जा रहा था। प्रशासन ने भवन संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।
बहुमंजिला इमारतों में बंद मिले इमरजेंसी एग्जिट
निरीक्षण के दौरान कई बहुमंजिला इमारतों में इमरजेंसी एग्जिट बंद पाए गए। आग या अन्य आपदा की स्थिति में ऐसे रास्तों का खुला और सुरक्षित होना अनिवार्य है। इमरजेंसी गेट बंद होने से लोगों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती है, जिससे बड़ा खतरा है।एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में ऑपरेशन कोचिंग सेंटर चलाया गया। धनगर के अनुसार, अब तक 10 भवन अस्थायी रूप से सील किए जा चुके हैं। जांच जारी रहेगी।एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि जिन भवनों में कोचिंग संस्थानों के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कुछ रेस्टोरेंट, म्यूजियम और अन्य कार्यालय भी सील किए गए हैं।प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से शहर में ‘ऑपरेशन कोचिंग’ अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फायर सेफ्टी इंतजाम करने पर मिलेगी राहत
एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीलिंग का उद्देश्य संस्थानों को स्थायी रूप से बंद करना नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। भवन संचालकों को शपथपत्र देकर आश्वासन देना होगा कि वे 15 से 20 दिनों में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित कर देंगे।
दस्तावेज जमा करने के बाद खुलेगी सील इमारतें
सील किए गए भवनों के संचालकों को फायर सेफ्टी उपकरणों की खरीद से जुड़े दस्तावेज और ऑर्डर की प्रतियां प्रशासन को प्रस्तुत करनी होंगी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और सुरक्षा मानकों के पालन के बाद ही संबंधित भवनों और संस्थानों को दोबारा खोलने की अनुमति दी जाएगी।





