कलेक्टर से लेकर जनप्रतिनिधि सभी ‘वोकल फॉर लोकल’

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कलेक्टर से लेकर जनप्रतिनिधि सभी ‘वोकल फॉर लोकल’

बड़वानी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फ़ॉर लोकल और स्वदेशी अपनाओ की विचारधारा को ब्यूरोक्रेट और जनप्रतिनिधि फॉलो कर रहे हैं। जहां बड़वानी जिले की कलेक्टर जयति सिंह ने सड़क पर दुकानदारों से खरीदारी की वहीं अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य भी दुकानों पर पहुंचे। सेंधवा की नगर पालिका अध्यक्ष बसंती बाई यादव ने भी स्थानीय दुकानदारों से खरीदी कर उन्हें प्रोत्साहित किया।

दीपावली पर्व पर अनुसूचित जनजाति आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ( केंद्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त) ने दीपावली पर लगने वाली पूजन सामग्री खरीद कर सामग्री बेचने वाले को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके हालचाल जाने । उन्होंने आज स्थानीय कुम्हार से दीपावली के दिए खरीदे, अन्य दुकानदारों से झाड़ू व रंगोली भी खरीदी । उन्होंने कहा कि मैने संकल्प लिया कि मैं स्थानीय कारीगरों व व्यापारियों व लघु उद्योग, फुटकर व्यापारी से ही समान लूंगा ताकि हमारे व्यापारी उन्नत होकर उद्योग पनपने लगेंगे और देश आत्म निर्भरता की ओर अग्रसर होगा ।

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नगर पालिका सेंधवा की अध्यक्ष बसंती बाई यादव ने भी लोकल दुकानदारों से दीये ख़रीदे ।उन्होंने कहा कि आज की परिस्थिति बहुत कुछ बदली है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अभियान चला रहे है ‘स्वदेशी अपनाओ भारत को आत्म निर्भर भारत बनाओ’। इसके लिए हमें पुनः हमारे कुटीर उद्योग व लघु उद्योग को बढ़ावा देना होगा। हमें स्वदेशी वस्तुओं को अपना होगा।

राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने भी स्विट्जरलैंड के जिनेवा जाने के पूर्व लोकल दुकानदारों से खरीदारी की। खरगोन बड़वानी के लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल भी इस मुहिम में शामिल रहे।

बड़वानी की कलेक्टर जयति सिंह ने अपर कलेक्टर केके मालवीय और एसडीएम भूपेंद्र रावत के साथ रविवार शाम को शहर के स्थानीय बाजार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय दुकानदारों से मिट्टी के दीये खरीदे। कलेक्टर ने दुकानदारों से उनके परिवार के सदस्यों और अन्य समय में उनके जीविकोपार्जन के साधनों के बारे में जानकारी ली।

इस अवसर पर कलेक्टर ने जिलेवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी को अपने शहर, नगर और गांव की स्थानीय दुकानों से ही सामान खरीदना चाहिए, ताकि स्थानीय दुकानदार भी खुशी से त्योहार मना सकें।