गडकरी का मध्य प्रदेश प्रेम और मोहन की प्रशंसा…

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गडकरी का मध्य प्रदेश प्रेम और मोहन की प्रशंसा…

कौशल किशोर चतुर्वेदी।

मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और लंबित परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान यादव के प्रयासों की प्रशंसा की और परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में प्रस्तावित और परिचालन में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण और वन मंजूरी जैसे कारणों से रुकी हुई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक समन्वित समाधान पर निर्णय लेना था।

विकास की चाह रखने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह तथ्य उजागर किया कि मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और विशाल क्षेत्रफल को देखते हुए, यहां सड़क घनत्व राष्ट्रीय औसत से कम है। देश में सड़क घनत्व 201.28 किमी प्रति 100 वर्ग किमी है, जबकि मध्य प्रदेश में यह 162.20 किमी प्रति 100 वर्ग किमी है। इसी प्रकार, राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई भी अन्य बड़े राज्यों की तुलना में कम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम मार्गों के संदर्भ में देश की कनेक्टिविटी में मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों और संतुलित क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए, इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुरूप उच्च गति और औद्योगिक गलियारों के माध्यम से वंचित क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम एक्सप्रेसवे और 4 और 6 लेन वाले राज्य राजमार्गों का विकास करके राज्य की समग्र कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और कृषि एवं रसद क्षेत्र को नई गति मिलेगी, जिससे मध्य प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक प्रयासों से अटल पथ परियोजना को पुनः पटरी पर लाया गया है। इसी क्रम में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ चंबल क्षेत्र विकास परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। परियोजना के पूर्ण होने पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के समग्र विकास को एक नई दिशा मिलेगी। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

चंबल नदी के किनारे बसे पिछड़े क्षेत्रों के विकास के उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना वर्ष 2017 में की गई थी। किसानों की सहमति से तैयार की गई इस परियोजना की प्रारंभिक रूपरेखा चंबल के ऊबड़-खाबड़ भूभाग और चंबल अभयारण्य के पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरती थी। बाद में इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंप दिया गया।

चंबल क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन समिति (ईएसी) के दिशानिर्देशों के अनुसार परियोजना के अनुरूप अनुसंधान कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

 

क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर परियोजना के तहत सड़कों के उन्नयन और विकास को भी नई दिशा दी गई है। इस परियोजना की घोषणा केंद्रीय मंत्री गडकरी ने जबलपुर दौरे के दौरान की थी। इसके अंतर्गत पेंच से कान्हा, कान्हा से बांधवगढ़ और बांधवगढ़ से पन्ना टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाली सड़कों का उन्नयन प्रस्तावित है। लगभग 625 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर सुरक्षित और नियंत्रित यातायात सुनिश्चित करेगा, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

वास्तव में गडकरी एक ऐसे विजनरी लीडर के तौर पर कार्य कर रहे हैं जो मध्य प्रदेश के विकास को लेकर विशेष सहयोग करते रहे हैं। मध्यप्रदेश को लेकर उनके मन में सॉफ्ट कॉर्नर है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की प्रशंसा में भी गडकरी का मध्य प्रदेश प्रेम झलकता है। गडकरी के साथ मध्य प्रदेश की विकास यात्रा का यह अध्याय वास्तव में इतिहास में दर्ज हो रहा है…।

 

 

लेखक के बारे में –

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।