विकास के नाम पर लाखों रुपये का खेल: प्रशासन ने पूर्व सरपंच, सचिव और ठेकेदार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा

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विकास के नाम पर लाखों रुपये का खेल: प्रशासन ने पूर्व सरपंच, सचिव और ठेकेदार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा

सरकारी खजाने से पैसे तो निकाल लिए गए, लेकिन जमीन पर एक ईंट तक नहीं

विनोद काशिव की रिपोर्ट

कोरबा। जिले के माखनपुर पंचायत में विकास के नाम पर लाखों रुपये का खेल कर दिया गया। स्कूल, लाइब्रेरी और शौचालय बनाने के लिए सरकारी खजाने से पैसे तो निकाल लिए गए, लेकिन जमीन पर एक ईंट तक नहीं लगी।
कलेक्टर के आदेश पर हुई जांच के बाद प्रशासन ने पूर्व सरपंच, सचिव और ठेकेदार को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पाली एसडीएम की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। स्वामी आत्मानंद स्कूल में कंप्यूटर रूम और लाइब्रेरी के लिए 49.99 लाख मंजूर हुए थे, जिसमें से 19.99 लाख निकाल लिए गए। हाई स्कूल में शौचालय के लिए 25.45 लाख में से 10.18 लाख और भवन विस्तार के लिए 36.20 लाख में से 14.48 लाख आहरित कर लिए गए।

कुल 44.65 लाख रुपये निकालने के बाद भी निर्माण स्थल पर काम शुरू तक नहीं हुआ। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर पाली एसडीएम ने पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत मामला दर्ज कर सुनवाई की। जांच में तत्कालीन सरपंच मनोज कुमार पोर्ते, तत्कालीन सचिव धीर साय और ठेकेदार मुजम्मिल अली रिजवी को सरकारी राशि गबन का दोषी पाया गया।

प्रशासन ने तीनों से कुल 44 लाख 65 हजार 600 रुपये की वसूली तय की है। फिलहाल एक-तिहाई राशि यानी 14 लाख 88 हजार 533 रुपये वेतन और अन्य देयकों से वसूलने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही तीनों आरोपियों को सिविल जेल भेज दिया गया है।