
ट्रेन में चोरी के हजारों प्रकरण में नहीं मिलते GRP को सबूत,1 साल में हजारों प्रकरणों में लगा दिए खात्मे
भोपाल मध्यप्रदेश में यदि आप ट्रेन से सफर कर रहे हो तो अपने सामान की हिफाजत गंभीरता से करें। यदि लगेज चोरी हो गया और आपने FIR दर्ज भी करा दी तो GRP (शासकीय रेल पुलिस) सबूत के अभाव में आपका केस बंद कर सकती है, या आपका चोरी गया सामान बरामद ही ना हो।
यहां पर चोरी के दर्ज प्रकरणों में से आधे के लगभग प्रकरणों में सबूत के अभाव में खात्मा लगा दिया गया है। वहीं चोरी गया सामान भी बरामद करने में GRP पुलिस को सफलता महज तीस प्रतिशत ही मिलती है।
GRP पुलिस कितनी गंभीरता के साथ जांच करती है इसकी हकीकत वर्ष 2024 में दर्ज हुए चोरी के अपराध और उस पर लगाते गए खात्मा से पता चलता है। मध्य प्रदेश में रेल पुलिस भोपाल, इंदौर और जबलपुर क्षेत्र में बंटी हुई है। इसमें से भोपाल और जबलपुर में रेल यातायात ज्यादा रहता है। इन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या भी ज्यादा होती है। इसलिए चोरी के अपराध भी इन दोनों रेंज में ज्यादा होते हैं।
बीते वर्ष भोपाल क्षेत्र में 6 हजार 548 प्रकरण चोरी के विभिन्न थानों में दर्ज हुए। इसी तरह जबलपुर में ऐसे प्रकरणों की संख्या 3 हजार 685 रही। जबकि इंदौर क्षेत्र के विभिन्न थानों में 1965 प्रकरण दर्ज हुए। इनमें से लगभग आधे प्रकरणों में जीआरपी ने खात्मा लगा दिया। भोपाल में पचास प्रतिशत मामलों में खात्मा लगाया गया। इस दौरान तीन हजार 463 प्रकरण में खात्मा काटा गया। जबकि 13 मामलों में खारजी लगाई गई। इसी तरह जबलपुर के भी आधे से ज्यादा प्रकरण में खाम्मा लगाया गया। यहां पर 1 हजार 879 मामलों में खात्मा लगाया गया और आठ मामलों में खारजी लगाई गई। इंदौर में 1965 मामलों में से 679 मामलों में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा है, जबकि कुछ मामले जांच में हैं और यहां पर भी खात्मा लगाया गया।
बरामदगी महज तीस प्रतिशत
ट्रेनों में सबसे ज्यादा अपराध चोरी के ही होते हैं। GRP इनमें से चोरी गए माल में से तीस प्रतिशत ही बरामद कर पाती है। इंदौर के विभिन्न जीआरपी थाना क्षेत्रों में 5 करोड़ 80 लाख 72 हजार 26 रुपए का माल स्टेशन या ट्रेन में से चोरी गया, इसमें से एक करोड़ 82 लाख 11 हजार 95 रुपए का ही माल पुलिस बरामद कर सकी। वहीं जबलपुर में 5 करोड़, 5 लाख 94 हजार 163 का माल बरामद किया गया, जबकि चोरी गए माले की कीमत 9 करोड 91 लाख 52 हजार 103 रुपए है। इसी तरह भोपाल क्षेत्र में आने वाले जीआरपी थानों में 16 करोड 63 लाख 17 हजार 68 रुपए का माल चोरी गया और बरामद महज 2 करोड 30 लाख 48 हजार 3 रुपए का ही हुआ।