
Happiness shared with residents of old age home : वैश्य रत्न उमाशंकर गुप्ता के 73वें जन्मदिन पर वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के बीच बांटी खुशियां!
Ratlam : वैश्य महासम्मेलन के संरक्षक उमाशंकर गुप्ता ने अपने जीवन के 72वां वसंत पूर्ण कर 73वें वर्ष में प्रवेश किया हैं इस अवसर पर वैश्य महासम्मेलन रतलाम युवा इकाई द्वारा तड़क-भड़क से दूर, बेहद सादगी-समर्पण और सेवा-भाव के साथ वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के बीच मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी वरिष्ठजनों का आदरपूर्वक अभिवादन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की गई। इस विशेष अवसर पर संस्था की और से वृद्धाश्रम में रह रहें बुजुर्गों को महान संतों और महात्माओं द्वारा रचित अनमोल पुस्तकें एवं मानसिक विकास हेतु कैरम बोर्ड भेंट किया गया। समाज के प्रतिनिधियों का मानना है कि ये पुस्तकें निश्चित रूप से बुजुर्गों के मन को समतामय, समाधिमय और प्रसन्नचित्त रखने में संबल प्रदान करेंगी।
वृद्धाश्रम आना पूर्व जन्मों का प्रारब्ध पर समाज को बदलनी होगी सोच!
कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय बेहद भावुक हो गया जब बुजुर्गों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। वैश्य महासम्मेलन युवा इकाई के नगर अध्यक्ष सुमित तलेरा ने कहा कि वृद्धाश्रम एक ऐसा अप्रिय स्थान है जहां कोई भी स्वेच्छा से नहीं आना चाहता, परंतु कुछ पूर्व जन्मों के प्रारब्ध के कारण इन पितातुल्य बुजुर्गों को यहां निवास करना पड़ रहा है। उन्होंने ईश्वर से हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए समाज के युवाओं को संदेश दिया “ईश्वर सभी बेटा-बहुओं को सद्बुद्धि दे ताकि भविष्य में कोई भी अपने माता-पिता को इस प्रकार जीवन यापन करने के लिए वृद्धाश्रम छोड़कर न जाए। हमें समाज से इस कुप्रथा पर जल्द से जल्द विराम लगाना होगा।

रेडक्रॉस चेयरमैन सहित कई गणमान्य रहें मौजूद!
इस गरिमामयी सेवा कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष प्रीतेश गादीया एवं सचिव हेमंत मूणत का विशेष रूप से सहयोग रहा। उनके साथ वैश्य समाज के कई अन्य बंधु भी मौजूद रहें, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में वृद्धजनों द्वारा सभी वैश्य बंधुओं और अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया, वहीं रतलाम के पत्रकार राज लुनिया ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचकर उमाशंकर गुप्ता को जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं!






