सरकारी क्वार्टर से लैपटॉप-टीवी चोरी की, खाना भी खाया, जाते-जाते दीवार पर लिख गया ‘धन्यवाद’

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सरकारी क्वार्टर से लैपटॉप-टीवी चोरी की, खाना भी खाया, जाते-जाते दीवार पर लिख गया ‘धन्यवाद’

Jaisalmer: राजस्थान के जैसलमेर से एक हैरान कर देने वाला चोरी का मामला सामने आया है, जिसने पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी सोच में डाल दिया है। IGNP कॉलोनी में सहायक अभियंता सोहन जांगिड़ के सरकारी आवास को रविवार देर रात अज्ञात चोर ने निशाना बनाया। उस समय मकान पूरी तरह खाली था। सुबह जब घर का ताला टूटा मिला तो चोरी का खुलासा हुआ।

● इत्मीनान से घर खाली कर गया चोर
जानकारी के अनुसार चोर ने किसी हड़बड़ी के बिना पूरे घर को खंगाला। लैपटॉप, एलईडी टीवी, महंगे परफ्यूम, कपड़े और अन्य कीमती घरेलू सामान समेटकर वह घर लगभग खाली कर गया। घर में तोड़फोड़ के खास निशान नहीं मिले, जिससे अंदेशा है कि चोर को पर्याप्त समय मिला।

● लिपस्टिक से दीवार पर लिखा तंज भरा संदेश
चोरी से भी ज्यादा चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब पुलिस और मकान मालिक ने दीवार पर लिखा एक संदेश देखा। चोर ने लिपस्टिक से दीवार पर लिखा- “थाने के चक्कर काटोगे तो वक्त बर्बाद होगा, बिहारी बाबू।”

● कागज पर पेन से भी छोड़ा संदेश
इतना ही नहीं, चोर ने एक कागज पर पेन से लिखा, “दारू रखते हो तो साथ में आलू चिप्स भी रखा करो।”

● रिपोर्ट न करने की दी नसीहत
चोर यहीं नहीं रुका। उसने दीवार पर एक और संदेश छोड़ा- “रिपोर्ट मत करना, तुम मुझे भूल जाना, मैं तुम्हें भूल जाऊंगा।”
● खाना खाने और धन्यवाद लिखने तक की हद
एक अन्य संदेश में चोर ने दावा किया कि उसने मकान मालिक का खाना खाया और उसे स्वाद भी आया। उसने लिखा कि मजबूरी में पहली बार चोरी करनी पड़ी और जाते-जाते दीवार पर ‘धन्यवाद’ भी लिख दिया। यह पहलू पुलिस के लिए भी हैरानी का विषय बना हुआ है।

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● कोतवाली पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट जुटाए हैं। कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोर स्थानीय है या पहले से इलाके की रेकी कर चुका था।

मानसिक रूप से असामान्य या शातिर, दोनों एंगल पर जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह संदेश छोड़ना चोर के मानसिक प्रोफाइल की ओर इशारा करता है। मामले में शरारत, बदला, या किसी जान-पहचान की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सभी एंगल से जांच जारी है।

जैसलमेर की यह चोरी केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रही, बल्कि अपने अजीबोगरीब संदेशों के कारण पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। यह मामला न सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि क्या चोर बेखौफ था या किसी मानसिक खेल का हिस्सा। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह शरारत थी या किसी शातिर अपराधी की सोची-समझी चाल।