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दिशलाल ने बताया कि उसे जिस सरकारी जमीन का पट्टा मिला था, उस पर दबंगों ने कब्जा कर परेशान करना शुरु कर दिया। उसके पास कोई जमीन नहीं है इसलए पट्टे की मांग करने वह यहां आया है। दिशलाल ने कहा वह मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे हैं। जनसुनवाई में आने तक के उसके पास पैसे नहीं थे। लेकिन, फरियाद सुनाना जरूरी था इसलिए 110 किलोमीटर साइकिल चलाकर आना पड़ा।