High Court Verdict: Private Parts को दबोचना Attempt to Murder नहीं

740

High Court Verdict: Private Parts को दबोचना Attempt to Murder नहीं

 कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि झगड़े के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के अंडकोष को दबोचने को ‘हत्या का प्रयास’ नहीं कहा जा सकता है उच्च न्यायालय का यह निर्णय निचली अदालत के उस आदेश से भिन्न है,  कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा है कि झगड़े के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के अंडकोष (जननांग) को दबोचने को ‘हत्या का प्रयास’ नहीं कहा जा सकता है। हाई कोर्ट का यह फैसला निचली अदालत के उस आदेश से अलग है, जिसने 38-वर्षीय आरोपी व्यक्ति को ‘गंभीर चोट पहुंचाने’का दोषी करार दिया था और सात साल कैद की सजा सुनाई थी।

हाई कोर्ट ने दोषी व्यक्ति को राहत देते हुए सात साल कैद की सज़ा को कम करके तीन साल कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का पीड़ित की हत्या करने का कोई इरादा नहीं था और पीड़ित को चोट झगड़े के दौरान लगी थी।

हाई कोर्ट ने कहा, “आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच मौके पर झगड़ा हुआ था। उस झगड़े के दौरान, आरोपी ने शिकायतकर्ता का अंडकोष दबोचने का चयन किया। इसलिए, यह नहीं कहा जा सकता है कि आरोपी हत्या करने के इरादे से या तैयारी के साथ आया था। अगर उसने (आरोपी ने) हत्या की तैयारी की होती या हत्या का प्रयास किया होता तो वह इसके लिए अपने साथ कुछ घातक हथियार ला सकता था।”

अदालत ने कहा कि आरोपी ने पीड़ित को गंभीर चोट पहुंचाई है और इसके कारण पीड़ित की मृत्यु हो सकती थी, लेकिन आरोपी का इरादा ऐसा कतई नहीं था। जस्टिस के नटराजन ने अपने हालिया फैसले में कहा है, “यद्यपि आरोपी ने शरीर के महत्वपूर्ण अंग ‘अंडकोष’ को दबोचने का निर्णय लिया, जो मौत का कारण बन सकता है। (इस घटना के बाद) घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी सर्जरी भी की गई और अंडकोष को हटा दिया गया, जो एक गंभीर जख्म है। इसलिए, मेरी नजर में, यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी ने कुत्सित इरादे या तैयारी के साथ हत्या का प्रयास किया था।”

Misbehavior With Girl:’प्लीज छोड़ दीजिए…’ लड़की गिड़गिड़ाती रही,लड़के छेड़छाड़ करते रहे

अदालत ने कहा कि आरोपी द्वारा पहुंचाई गई चोट भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 324 के तहत अपराध की श्रेणी में आएगी, जो शरीर के महत्वपूर्ण ‘गुप्तांग’ को चोट पहुंचाने से संबंधित है।

पीड़ित ओंकारप्पा की शिकायत में कहा गया है कि वह और अन्य लोग गांव के मेले के दौरान “नरसिंह स्वामी” जुलूस के सामने नृत्य कर रहे थे, तभी आरोपी परमेश्वरप्पा मोटरसाइकिल से वहां आया और झगड़ा करने लगा। इसके बाद हुई लड़ाई के दौरान, परमेश्वरप्पा ने ओंकारप्पा के अंडकोष को दबोच लिया, जिससे उसे गंभीर चोट आई।

Society Dress Code: सोसायटी में पब्लिक में नाइटी और लुंगी पहनने पर लगी रोक 

पुलिस पूछताछ और सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई। कर्नाटक के चिक्कमगलुरु जिले के मुगलिकटे गांव के निवासी परमेश्वरप्पा ने चिक्कमगलुरु में निचली अदालत की सजा को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। यह घटना 2010 की है। निचली अदालत ने 2012 में परमेश्वरप्पा को दोषी ठहराया था, जिसके खिलाफ दायर की गयी अपील का उच्च न्यायालय द्वारा निपटारा कर दिया गया।