खेलकूद करवाए जा सकते हैं तो पढ़ाई क्यों नहीं, बंद स्कूल में आनंद उत्सव

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राजेश जयंत की विशेष रिपोर्ट

Udaigarh-Jhabua। कोविड-19 की तीसरी लहर से बचाव के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा जहां एक और स्कूल बंद करने के आदेश दिए है तो दूसरी तरफ सरकारी आदेश पर ही बंद स्कूलों में मनाया जा रहा आनंद उत्सव स्कूली बच्चों एवं उनके अभिभावकों के गले नहीं उतर रहा है।

शनिवार को जनपद सीईओ के आदेशानुसार स्थानीय उत्कृष्ट उमावि में आनंद उत्सव कार्यक्रम अंतर्गत खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। कबड्डी, खो-खो एवं चेयर रेस जैसे गेम इस आयोजन का हिस्सा बने।

उदयगढ़ जनपद क्षेत्र में 40 ग्राम पंचायतें हैं। आनंद उत्सव खेल आयोजन के लिए यहां तीन-तीन पंचायतों को मिलाकर एक कलस्टर बनाया गया। इन पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली स्कूल के विद्यार्थियों को कलस्टर मुख्यालय पर एकत्रित कर खेल आयोजन के आदेश दिए गए थे। जनपद मुख्यालय के अतिरिक्त अन्य ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों के समाचार नहीं मिले।

असमंजस में स्कूली बच्चे और अभिभावक

बच्चों सहित उनके अभिभावकों के मन में पहले तो यह चल रहा था कि जब सब कुछ खुला है तो स्कूल बंद क्यों … ?
अब आनंद उत्सव अंतर्गत बंद स्कूल में खेल के आयोजन को लेकर वह और भी असमंजस में है कि आखिर यह माजरा क्या है..?
नाम नहीं बताने की शर्त पर कुछ बच्चों ने बताया कि मास्क लगाकर कबड्डी, खो-खो खेलने के दौरान उनकी सांसें फूल गई। अभिभावकों ने कहां की खेल के आयोजन में सामाजिक/शारीरिक दूरी कहां रही..? जब खेलकूद करवाए जा सकते हैं तो स्कूल मे पढ़ाई क्यों नहीं ?

खिलाड़ियों को खिलाए सेव परमल

आनंद उत्सव अंतर्गत खेल आयोजन के लिए कलस्टर मुख्यालय की पंचायत को ₹15000 आवंटित किए गए। जनपद मुख्यालय पर आयोजित खेल कार्यक्रम में ₹100 किलो की 1 किलो सेव और परमल खिलाड़ियों को खिलाकर इतिश्री कर ली गई। आयोजन मे अतिथि अधिकारी, जनप्रतिनिधि व शिक्षकों के लिए नाश्ते की व्यवस्था अलग से की गई।

इनका कहना है

शासन के आदेश अनुसार आनंद उत्सव कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए खेलकूद करवाए गए हैं।
पवन शाह, सीईओ जनपद पंचायत उदयगढ़