5 महीने में स्वास्थ्य विभाग 12 CMHO और डॉक्टरों सहित अन्य को थमा चुका हैं नोटिस  

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5 महीने में स्वास्थ्य विभाग 12 CMHO और डॉक्टरों सहित अन्य को थमा चुका हैं नोटिस

 

भोपाल। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब किसी समझौते के मूड में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के सभी जिलों में पदस्थ सीएमएचओं, सिविल सर्जन और डॉक्टरों की गलतियों को नजरअंदाज नहीं कर रहा हैं।

विभाग ने अब तय कर लिया है कि आम जनता के बीच स्वास्थ्य विभाग की छवि बेहतर हो और लोगों को अस्पतालों में बेहतर सुविधा मिले। स्वास्थ्य विभाग पिछले पांच महीने में आधा दर्जन सीएमएचओं, सिविल सर्जन और डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और शोकॉज नोटिस जारी कर चुका हैं।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभाग उचित कदम उठाने के लिए बाध्य है।

डॉ कैलाश कल्याणे CMHO जिला अलीराजपुर के खिलाफ विभाग ने शोकॉज नोटिस जारी करते हुए CMHO से जबाब मांगा है। सीएमएचओ कैलाश कल्याणे के खिलाफ विभाग को शिकायत मिली थी कि स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल के अलीराजपुर जिले के दौरे के दौरान मौके पर कहीं भी मौजूद नहीं थे। विभाग ने इसकी जानकारी दौरा होने से पहले ही CMHO को मुहैया कराई थी। विभाग ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए सीएमएचओ से जबाब मांगा है। इसी तरह रीवा जिले के सीएमएचओ डॉक्टर संजीव शुक्ला के खिलाफ विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए जबाब मांगा है। विभाग को शिकायत मिली थी कि हाईकोर्ट में रीवा जिले में पूर्व में पदस्थ CMHO के एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान शुक्ला हाईकोर्ट में उपस्थित होकर विभाग का पक्ष नहीं रख सके जिससे हाईकोर्ट ने नाराज होकर विभाग के खिलाफ 30 हजार रूपये की पेनाल्टी लगा दिया।

स्वास्थ्य विभाग ने इसी तरह छतरपुर, विदिशा, रतलाम और बालाघाट सीएमएचओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए इन जिलों के सीएमएचओ को पत्र लिखकर जबाब मांगा है।

 *डॉक्टरों को नोटिस-* 

दीपारानी ईशरानी स्त्री रोग विशेषज्ञ जिला सीधी के खिलाफ शिकायत मिली है कि नसबंदी के दौरान लापरवाही बरतने पर महिला मरीज की मौत हो गई। मृतक महिला के परिजनो ने इस मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की। मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर दीपारानी ईशरानी के खिलाफ कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए जबाब मांगा है।

डॉक्टर मनीष शर्मा प्रभारी जिला चिकित्सालय हरदा ने ग्रीन ट्रिबयूनल के सवालों का जबाब नहीं देने और कलेक्टर के सवालों का जबाब नहीं देने पर विभाग ने इनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।