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मध्यप्रदेश में पहले चरण में बस छिंदवाड़ा की चर्चा…जीते तो नाथ, हार नकुल के हिस्से में…

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मध्यप्रदेश में पहले चरण में बस छिंदवाड़ा की चर्चा…जीते तो नाथ, हार नकुल के हिस्से में…

 

मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में वैसे तो छह लोकसभा सीटों पर चुनाव होना है, पर चर्चा में है तो बस छिंदवाड़ा लोकसभा सीट। भाजपा के कुशल संगठक और प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा में मोर्चाबंदी कर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि अबकी बार, छिंदवाड़ा संसदीय सीट पर भाजपा की बयार। मध्यप्रदेश भाजपा का नेतृत्व छिंदवाड़ा जीतने में जुटा है। हालांकि परीक्षा कमलनाथ के 40 साल के समर्पण और भरोसे की है। पर चेहरा नकुलनाथ का है, इसलिए भी भाजपा की रणनीतिक सफलता की संभावनाएं बरकरार हैं। सांसद के रूप में नकुलनाथ की कार्यशैली की इस लोकसभा चुनाव में असल परीक्षा है। कांग्रेस नेताओं के भाजपा में जाने को नकुलनाथ की कार्यशैली से जोड़कर ही देखा जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर छिंदवाड़ा आ चुके हैं और अब तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद भगवान राम का चित्र लेकर छिंदवाड़ा पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के साथ शाह ने छिंदवाड़ा की सड़कों पर रोड शो कर कमल खिलाने की अपील की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में खुले रथ में सवार होकर करीब 700 मीटर की दूरी तय की। इस दौरान रास्तेभर उन्होंने जनता का अभिवादन किया। उनके एक हाथ में बीजेपी का चुनाव चिन्ह कमल का फूल नजर आया। तो छिंदवाड़ा के लोगों ने शाह पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। यह छिंदवाड़ा में कमल का फूल खिलाने का जतन है। बता दें कि आज यानि 17 अप्रैल 2024 की शाम 5 बजे तक पहले चरण की लोकसभा सीटों पर प्रचार का अंतिम दिन है। इन सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। इनमें मध्यप्रदेश की छह सीटें सीधी, शहडोल, मंडला, जबलपुर, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं।

छिंदवाड़ा सीट की चर्चा की वजहें कई और भी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के छिंदवाड़ा वाले बंगले पर भारी संख्या में पुलिस पहुंची तो छिंदवाड़ा सीट चर्चा में आई। दरअसल कमलनाथ के पीए आरके मिगलानी पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने का आरोप भाजपा उम्मीदवार विवेक बंटी साहू ने लगाया। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद पुलिस कमलनाथ के बंगले पर पहुंच गई। यहां पर कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ तो नहीं मिले, लेकिन मिगलानी मिले और उनसे पूछताछ भी हुई है। पांढुर्ना विधायक नीलेश उईके के गृहग्राम रजौला रैयत में पुलिस व आबकारी अधिकारियों की टीम ने दबिश दी। तो छिंदवाड़ा सीट चर्चा में आई। उनके वर्तमान निवास, निर्माणाधीन मकान के साथ आसपास के आठ-दस मकान, खेत-खलिहान, अनाज ढेर, आसपास के नदी-नालों सहित कई स्थानों पर कदम-कदम पर जांच के बाद भी टीम को कुछ नहीं मिला। विधायक नीलेश उइके ने कहा कि बिना सर्च वारंट के यह कार्रवाई की गई। यह छापा आदिवासियों का अपमान है। वहीं जुन्नारदेव से कांग्रेस विधायक सुनील उइके के परासिया में बने शॉपिंग मॉल पर प्रशासन ने नोटिस चस्पा किया। तो छिंदवाड़ा सीट चर्चा में आई। नोटिस में मॉल में परमिशन से ज्यादा निर्माण करने का जिक्र किया गया है। नोटिस के बाद कांग्रेस ने इस राजनीतिक विद्वेष बताया है। विधायक ने कहा कि 7 साल बाद क्यों याद आई। तो कांग्रेस, कमलनाथ और नकुलनाथ पर पैसा और शराब बंटवाने के आरोप लगे, तो छिंदवाड़ा सीट चर्चा में आई।

मध्य प्रदेश में 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भाजपा दो सीटें नहीं जाती पाई थी। इसमें गुना-शिवपुरी और छिंदवाड़ा सीट शामिल थी। 2019 के चुनाव में भाजपा ने 29 में से 28 सीटें जीतीं, लेकिन छिंदवाड़ा से कांग्रेस के नकुलनाथ चुनाव जीते। इस बार भाजपा ने प्रदेश की सभी 29 की 29 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। वहीं, पिछले दो विधानसभा चुनाव में जिले की सातों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा रहा। छिंदवाड़ा सीट पर कमलनाथ 1980 में पहली बार सांसद बने। इसके बाद वह नौ बार सांसद रहे। 1997 के उपचुनाव में कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा से चुनाव हार गए थे। हालांकि, एक साल बाद आम चुनाव में फिर कमलनाथ ने चुनाव जीत लिया। अभी कमलनाथ छिंदवाड़ा सीट से विधायक हैं। वहीं, इस सीट पर एक बार उनकी पत्नी अलका नाथ 1996 और बेटे नकुलनाथ 2019 में सांसद बने। यानि छिंदवाड़ा सीट अजेय नहीं है। पर यहां पर भाजपा की 26 साल बाद विजय भी बहुत महत्वपूर्ण है।हालांकि यहां कांग्रेस की जीत को कमलनाथ से जोड़ा जाएगा तो हार नकुलनाथ के हिस्से में आएगी। भाजपा में जीत का श्रेय संगठन और नेतृत्व के हिस्से में रहता ही है…।