
अमेरिकी दादागिरी पर विराम लगाता भारत-ईयू व्यापार समझौता…
कौशल किशोर चतुर्वेदी
भारत-ईयू व्यापार समझौता जहाँ ट्रंप को आईना दिखा रहा है तो वहीं यह गवाही भी दे रहा है कि आगामी समय भारत का है। विश्व की दिशा और दशा भारत से ही तय होने वाली है। ट्रंप का आर्थिक एजेंडा पूरी दुनिया को तबाह करने का डर दिखा रहा हैं, ऐसे में भारत यूरोपियन यूनियन व्यापार समझौता यह साबित कर रहा है कि जल्द ही अमेरिका आँखों से ओझल होने वाला है। और ट्रंप दूसरा कार्यकाल पूरा होते होते अमेरिका को बैकफुट पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बयान वास्तव में वह सच्चाई है जो भारत की बेहतर सोच और सक्षमता को सामने ला रही है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि जब भारत सफल होता है, तब दुनिया अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित होती है। उर्सुला का यह बयान हैदराबाद हाउस में भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौते के बाद आया है, जिसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा है। भारत-ईयू के ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बीच उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि भारत की सफलता दुनिया को स्थिर बनाती है। उनके बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका बूम करता है, तो दुनिया बूम करती है।
नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में व्यापार समझौते के बाद संयुक्त बयान में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला ने कहा कि भारत उभरा है और इससे यूरोप बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि जब भारत सफल होता है, तब हम सभी इसका लाभ उठाते हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला ने भारत और यूरोपीय यूनियन को दो दिग्गज बताया और कहा कि यह डील दो अरब लोगों का बाजार बना रही है और सहयोग ही वैश्विक चुनौतियों का जवाब है।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन के इस बयान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात के जवाब की तरह देखा जा रहा है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा था कि जब अमेरिका बढ़ता है, तब पूरी दुनिया बढ़ती है। ट्रंप ने अमेरिका को दुनिया का आर्थिक इंजन बताया था और कहा था कि वैश्विक विकास अमेरिका की स्थिति पर निर्भर करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर डील नहीं होने पर डेनमार्क, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ट्रंप की धमकी और यूरोपीय देशों पर ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव की रणनीति के बीच यूरोपीय यूनियन ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील की प्रक्रिया रोकने का ऐलान कर दिया था। यूरोपीय यूनियन अमेरिका के साथ ट्रेड डील की प्रक्रिया बढ़ाने या नहीं बढ़ाने पर अगले हफ्ते फिर से विचार करेगी।
यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड डील के बाद संयुक्त बयान में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ ही पीएम मोदी ने भी वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल है। यह समझौता ऐसे माहौल में स्थिरता लाएगा।
भारत-यूरोपियन यूनियन व्यापार समझौता अगर स्थिरता लाता है तो इसका फायदा कहीं न कहीं पूरी दुनिया को मिलेगा। ट्रंप को जब तक अपनी गलती का एहसास होगा तब तक अमेरिका के नागरिक बेहद बुरे दौर में पहुँच चुके होंगे। ऐसे में उनके जीवन में भी उम्मीद की किरण बनकर भारत- यूरोपीय व्यापार समझौता स्थिरता
का अहसास कराएगा… तो वास्तव में भारत-ईयू व्यापार समझौता अमेरिकी दादागिरी पर विराम लगा रहा है…।
लेखक के बारे में –
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। पांच पुस्तकों व्यंग्य संग्रह “मोटे पतरे सबई तो बिकाऊ हैं”, पुस्तक “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज”, ” सबका कमल” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। वहीं काव्य संग्रह “अष्टछाप के अर्वाचीन कवि” में एक कवि के रूप में शामिल हैं। इन्होंने स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।





